बिहारीगंज तनाव मामला

एक दिन पहले प्रशासन ने व्हाट्सएप्प व फेसबुक पर निगरानी का दिया था आदेश इस आदेश के बाद सोशल साइट्स पर होने लगी थी प्रशासन की आलोचना निगरानी रखने के लिए मॉनेटरिंग सेल का किया गया है गठन मधेपुरा : जिले के बिहारीगंज में विगत दिनों हुए तनाव के दौरान सोशल साइट की भूमिका को […]

एक दिन पहले प्रशासन ने व्हाट्सएप्प व फेसबुक पर निगरानी का दिया था आदेश

इस आदेश के बाद सोशल साइट्स पर होने लगी थी प्रशासन की आलोचना
निगरानी रखने के लिए मॉनेटरिंग सेल का किया गया है गठन
मधेपुरा : जिले के बिहारीगंज में विगत दिनों हुए तनाव के दौरान सोशल साइट की भूमिका को नकारात्मक पाते हुए डीएम मो सोहैल ने इस पर सख्त निगरानी रखने का निर्णय लिया और उन्होंने आदेश जारी करते हुए व्हाट्सएप्प व फेसबुक पर बने ग्रुप में प्रशासन द्वारा जारी नंबर व फेसबुक एकाउंट को जोड़ने को कहा था. इस आदेश के बाद सोशल साइट्स पर विरोध शुरू हो गया. लेकिन बुधवार को जिलाधिकारी ने आदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि पारिवारिक व प्रेस से जुड़े ग्रुप को इस दायरे से बाहर रखा गया है. इस संबंध में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कृष्ण मोहन प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि 18 अक्तूबर को जारी जिला संयुक्त आदेश में फेसबुक और
व्हाट्सएप्प के सोशल ग्रुप में नियंत्रण कोषांग का मोबाइल नंबर जोड़ने का प्रावधान किया गया था. इस संबंध में सूचना प्राप्त हुई कि लोग इस आदेश को स्पष्ट रूप से नहीं समझ पा रहे हैं. अत: यह स्पष्ट किया जा रहा है कि इस परिधि में मात्र वैसे ग्रुप आते है जो सोशल ग्रुप के अधीन परिभाषित किये जा सके. पारिवारिक ग्रुप या प्रेस ग्रुप इस परिधि के अधीन नहीं माने जायेंगे. इस प्रकार का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 19(2) एवं अनुच्छेद – 19(3) के अधीन भारत की एकता एवं अखंडता, राज्य की सुरक्षा व पब्लिक ऑर्डर को बनाये रखने के लिए निर्गत किया गया है.
मॉनेटरिंग सेल का हुआ गठन
एक दिन पहले संयुक्त आदेश जारी करते हुए डीएम ने मोनिटरिंग सेल का गठन भी कर दिया. इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया था. अपने आदेश में डीएम ने कहा है कि बिहारीगंज प्रखंड में दशहरा एवं मुहर्रम के दौरान हुए सांप्रदायिक तनाव के दौरान यह पाया गया कि इंटरनेट एवं मोबाइल के द्वारा विभिन्न मीडिया ग्रुप जैसे फेसबुक और व्हाट्सएप्प आदि के माध्यम से अफवाहों को फैलाया गया. इस सिलसिले छापामारी के दौरान जब्त किये गए मोबाइल की जाँच की गयी, जिसमे इसकी पुष्टि भी हुई. इस घटना को देखते हुए जिला स्तर पर एक मोनीटरिंग सेल का गठन किया गया है.
इस सेल के वरीय प्रभारी पदाधिकारी जिला भू अर्जन पदाधिकारी कृषण्मोहन प्रसाद एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी एएसपी राजेश कुमार को बनाया गया है. जबकि प्रतिनियुक्त पदाधिकारी जिला सुचना विज्ञान अधिकारी सुनील कुमार और आई टी मेनेजर मोनालिसा को बनाया गया है. इस सेल में एसआई सुनील कुमार भगर और पुलिस कर्मी अमर कुमार को भी प्रतिनियुक्त किया गया है. इस सेल का दायित्व सभी प्रकार के मीडिया ग्रुप का अनुश्रवण कर तथा प्राप्त सूचनाओं को लेखनबद्ध करेंगे.
हर सोशल ग्रुप में शामिल करना है इस नंबर को. इस आदेश में डीएम ने एक नंबर 9955948775 जारी करते हुए सामान्य नागरिकों से उस नंबर को अनिवार्य रूप से व्हाट्सएप्प के हर ग्रुप में शामिल करने का आदेश दिया है. यह नंबर मोनिटरिंग सेल का है. नंबर नहीं जोड़ने पर उस ग्रुप के एडमिन पर कार्रवाई की जायेगी. इसी तरह फेसबुक ग्रुप पर भी madhepura monitor को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर ग्रुप में अनिवार्य रूप से जोड़ना है.

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