सड़क व बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों को परेशानी
जीतापुर : सदर प्रखंड राजपुर तुलसीबाड़ी मलिया पंचायत वार्ड नंबर एक बेलहाघाट में बिजली व सड़क नहीं रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों ने प्रशासन से इस समस्या को तुरंत हल करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े. बेलहाघाट में बिजली व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से लोगों को वंचित रहना पड़ रहा है. इस बाबत बबलू मुखिया, संतोष मुखिया, विरेंद्र मुखिया, रंजीत मुखिया, ललन राम, छोटू राम, प्रदीप राम, शंभु राम, टुनटुन राम सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि जब तक सड़क एवं बिजली को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार को व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसका खामियाजा अगले विधान सभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा. ज्ञात हो कि मुख्यालय से मात्र आधा किमी दूरी पर स्थिति बेलहाघाट में आजादी 68 वर्षों के बाद भी सड़क और बिजली से लोगों को नसीब नहीं हो पाया है. महादलित बस्ती होने के कारण इस ओर प्रशासन का ध्यान कभी नहीं गया. वहीं महादलित परिवार के लोगों के द्वारा कई बार अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया. लेकिन, आज तक विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ. प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग किया है कि अविलंब हमलोगों को उक्त समस्या से निजात दिलाया जाय. वहीं सदर प्रखंड क्षेत्र के माणिकपुर पंचायत वार्ड नंबर तीन , चार पांच, छह में बिजली नहीं रहने से विद्युत विभाग के प्रति ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया.
सदर प्रखंड अंतर्गत माणिकपुर पंचायत के मरूआहा गांव के वार्ड नंबर तीन, चार, पांच छह में बिजली नहीं रहने ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है. आज के इंटरनेट युग में लोगों को बिजली से वंचित रहना पड़ता है. लोग आज भी लालटेन युग में जीने को विवश है. ग्रामीण सुभाष यादव, पपलू ऋषिदेव, सुवती ऋषिदेव, बेचन ऋषिदेव, सोनिया देवी, हरेराम ऋषिदेव, गायत्री देवी, अमेरिका देवी, तिलश्वेर ऋषिदेव, सुगिया देवी, द्रोपदी देवी, झकसी देवी, विभा देवी ने कहा कि महादलित बहुल बस्ती होने के कारण कभी आज तक बिजली का एक पोल भी विभाग के द्वारा नहीं लगाया गया. सरकार का दावा यहां खोखला साबित हो रहा है. सरकार हर घर में बिजली देने का वादा कर चुकी है
ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव को लेकर जो पार्टी के नेता वोट मांगने आयेंगे उसे पहले बिजली सुविधा बहाल करनी होगी. ग्रामीणों ने कहा कि विभाग के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बार – बार आवेदन दे कर थक चुके हैं.
