लोगों से शांति की अपील करते डीएम.

नाकाम हुआ फसाद का मंसूबा चौसा(मधेपुरा) : चौसा में एक बारगी शनिवार को माहौल बिगड़ते-बिगड़ते संभल गया. स्थानीय लोगों की तत्परता व अधिकारियों के त्वरित हस्तक्षेप से लोग शांत हुए. मामला उस समय बढ़ा जब घोषई के मुखिया के नेतृत्व में वहां के ग्रामीण चौसा पहुंच कर प्रदर्शन कर रहे थे. उनका कहना था कि […]

नाकाम हुआ फसाद का मंसूबा

चौसा(मधेपुरा) : चौसा में एक बारगी शनिवार को माहौल बिगड़ते-बिगड़ते संभल गया. स्थानीय लोगों की तत्परता व अधिकारियों के त्वरित हस्तक्षेप से लोग शांत हुए. मामला उस समय बढ़ा जब घोषई के मुखिया के नेतृत्व में वहां के ग्रामीण चौसा पहुंच कर प्रदर्शन कर रहे थे. उनका कहना था कि मेला देखने आये बच्चे के साथ नोक-झोंक व हाथापाई का मामला दर्ज नहीं किया गया. इस बात पर स्थानीय लोग भी अड़ गये और अपनी बात रखने लगे. मामला तू-तू मैं-मैं से बढ़ कर पत्थरबाजी में तब्दील हो गया. इस बीच स्थानीय समाजसेवी, नेता व अधिकारियों ने मामले को संभाला. पत्थरबाजी को रोकने के लिए अरजपुर पश्चिमी पंचायत मुखिया प्रतिनिधि सुबोध कुमार सुमन, मोरसंडा
नाकाम हुआ फसाद…
पंचायत के पंचायत समिति मुकेश कुमार, मनोवर आलम, मुखिया प्रतिनिधि बंटी पटवे, नरेश ठाकुर निराला, अंबिका गुप्ता, सूर्य कुमार पटवे, चंदेश्वरी साह आदि ने मामले को शांत कराया. इस मामले को लेकर बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा व थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने सभी पक्ष से बात कर समझाया. उन्होंने कहा कि संयम से काम लें. वहीं घोषई पंचायत के मुखिया सुनील यादव व ग्रामीण गोपाल यादव, मो सलिम, मो इसलाम, मो अफाक, मो मंसूर, अजीत कुमार, सुशील यादव, संजय यादव आदि ने भी प्रशासन व पुलिस पर शिथिलता बरतने का आरोप लगाया.

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