आपदा . रजनी पंचायत के 80 घरों में घुसा सुरसर नदी का पानी
जलजमाव के कारण कैद हुए लोग.
जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत रजनी पंचायत के 80 घरों में सुरसर नदी का पानी घुस गया है. इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गयी है. काफी लोग घर से बेघर हो रहे हैं.
मुरलीगंज : मुरलीगंज प्रखंड की रजनी पंचायत के वार्ड संख्या पांच और छह मलडिहा, मुसहरी, पौखर टोला के 30 घरों में पानी घुसा है. वहीं प्रताप नगर के वार्ड संख्या एक, दो, तीन और चार के लगभग 50 घरों में पानी घुसा है. पिछले दिनों हुई लगातार मूसलाधार बारिश के कारण एकाएक सुरसर नदी में जलस्तर की बृद्धि होने के कारण नदी का पानी गांव में घुस गया है. पानी घुसने से ग्रामीण काफी परेशान है. लोग घर से बेघर होने के कगार पर है. नदी के पानी का तेज़ बहाव के कारण गांव की मुख्य सड़क पूर्णतः बाधित हो गई है. मध्य विद्यालय रजनी गौठ से प्रताप नगर जानेवाली मुख्य सड़क कई जगह कई टुकड़ों में बंट गया है.
आवागमन का कोई विकल्प नहीं है. ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने प्रसाशन पर उदासीनता का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक हमें कोई देखने नहीं आया है और न ही कोई सहायता उपलब्ध कराने की कोई बात हुई है. हमलोगों के घर में पानी भरा हुआ है. अनाज, कपडे आदि जरूरत के सभी सामान पानी में है.
अब पानी भरे घर में रहे भी तो कैसे रहे. बच्चे बुजुर्ग को कैसे घर में रखे. नदी का गंदा पानी एवं जहरीले जानवर सांप ,बिछु आदि का भी भय बना हुआ है.
रजनी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजीव कुमार ने कहा कि गांव में बाढ़ आने से पंचायत और आसपास के सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गयी है. काफी लोग घर से बेघर हो रहे हैं. इस घटना की जानकारी अंचलाधिकारी मुरलीगंज को दे दी गयी है.
लेकिन अब तक प्रसाशन की तरफ से कोई भी पहल नहीं की गई है.
मुरलीगंज अंचलाधिकारी जयप्रकाश स्वर्णकार ने बताया की अंचल निरीक्षक सीआई को निरीक्षण का दिशा निर्देश दिया गया है और हमलोग पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध करावें.
मध्य विद्यालय रजनी गौठ से प्रताप नगर जाने वाली मुख्य सड़क कई जगहों पर कई टुकड़ों में बंटी
