कर्मी की मौत से बिगड़ा विश्वविद्यालय का माहौल

मधेपुरा : अस्थायी कर्मचारी संघ के सभी 80 कर्मचारी दो सितंबर से आउटसोर्सिंग पर बहाली के खिलाफ व कर्मियों की सेवा स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. इस बीच आंदोलन के 19 वें दिन धरना पर बैठे एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी फुलेश्वर मल्लिक की मौत से विवि का माहौल बिगड़ गया. विवि पदाधिकारियों ने […]

मधेपुरा : अस्थायी कर्मचारी संघ के सभी 80 कर्मचारी दो सितंबर से आउटसोर्सिंग पर बहाली के खिलाफ व कर्मियों की सेवा स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. इस बीच आंदोलन के 19 वें दिन धरना पर बैठे एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी फुलेश्वर मल्लिक की मौत से विवि का माहौल बिगड़ गया. विवि पदाधिकारियों ने वार्ता के माध्यम से कर्मचारियों के आक्रोश को शांत करने का प्रयास भी किया, लेकिन वे असफल रहे.

विवि अधिनियम के तहत मांगों पर अमल नहीं: वार्ता के क्रम में अस्थायी कर्मचारियों ने विवि प्रशासन के सामने कर्मियों की सेवा स्थायीकरण की मांग के अलावे मृतक के परिजनों को दस लाख मुआवजा, परिवार के सदस्य को नौकरी एवं विवि नियमनुसार मृत कर्मी के परिजन को तत्काल 96 हजार रुपये की राशि देने की मांग की. मौके पर प्रभारी कुलपति ने कुलपति एवं राजभवन से बात कर मांगों पर अमल करने की बात कही. लेकिर शाम चार बजे जब प्रभारी कुलपति ने राजभवन का हवाला देते हुए कहा कि विवि अधिनियम के तहत बिना आवश्यक प्रक्रिया किये हुए इन मांगों की तत्काल पूर्ति नहीं हो सकती है.
हालांकि प्रभारी कुलपति विवि प्रशासन की और से मृतक के परिजनों को हरसंभव मदद प्रदान करने का आश्वासन दिया. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि विवि प्रशासन तत्काल पचास हजार की राशि मृतक के परिजन को प्रदान करेगी. साथ ही मृतक के आश्रित को संविदा पर बहाल किया जायेगा. प्रभारी कुलपति डा जेपीएन झा ने अस्थायी कर्मचारियों की सूची सेवा स्थायीकरण को लेकर राजभवन भेजने की बात कही. इसके बावजूद बात नहीं बन सकी.
आउटसोर्सिंग पर बहाली के खिलाफ दो सितंबर से धरना दे रहे हैं कर्मचारी
मांगों के समर्थन में शव के साथ सड़क पर उतरेंगे कर्मचारी
प्रभारी कुलपति के साथ वार्ता विफल होने पर अस्थायी कर्मचारी उग्र हो गये. विवि प्रशासन के खिलाफ आर पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए कर्मियों ने शव को विवि परिसर से उठने नहीं दिया. कर्मियों ने कहा कि जब तक कुलपति विवि पहुंच कर उनकी मांगों को पूरा नहीं करते है शव को सड़क पर रख कर आंदोलन किया जायेगा.
अनशनकारियों की हालत बिगड़ी
बीएनएमयू में विभिन्न मांगों के समर्थन में विगत तीन दिनों से अनशन कर करे अनशनकारी छात्रों की हालात बुधवार को बिगड़ गयी. परीक्षा विभाग के सामने अनशन पर बैठे छात्र नेता मनीष कुमार एवं हर्षवर्द्धन सिंह राठौर ने बताया कि न तो उनकी सुरक्षा की यहां कोई माकूल व्यवस्था की गयी है और न ही तीन दिनों डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच की. अनशनकारियों की हालात बिगड़ने पर आक्रोशित छात्रों ने विवि मुख्य गेट पर कुलपति एवं जिला पदाधिकारी का पुतला जलाया.

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