भिरखी मुहल्ले से तुनियाही समेत कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग उपेक्षा का शिकार
मधेपुरा : यह सड़क किसी गांव की पगडंडी नहीं है. बल्कि शहर के भिरखी मुहल्ले से तुनियाही समेत कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है. लेकिन यहां की हालत इस कदर बदतर है कि बारिश तो बारिश अन्य मौसम में भी लोगों को कीचड़ से होकर गुजरना होता है. किनारे पर बनी उंची नाली जल निकासी का नहीं बल्कि अवरोध का काम कर रही है. लेकिन स्थानीय प्रशासन मौन है. हालात इस कदर खराब है कि आस पास के लोग इस रास्ते गुजरना खतरनाक समझते है. विकल्प नहीं होने की वजह से उन्हें गुजरना पड़ता है.
बारिश का पानी जमा होने के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गया है. जिससे राह चलते लोगों व वाहनों को खासे मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर बनें बड़े – बड़े गड्ढे के कारण हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. बारिश होने के बाद यह मार्ग बंद हो जाता है. लोग तीन से चार किमी की दूरी तय कर दूसरे रास्ते से बाजार आते है. इस सड़क से हमेशा लोगों आना जाना लगा रहता है. तुनियाही एवं आसपास के गांव जाने के लिए सबसे सुगम मार्ग है.
यह सड़क कई गांवों को जोड़ता है. खौपेती, तुनियाही, भपटिया, चकला, कांप समेत दर्जनों गांवों के लोग इस सड़क से गुजरते है. वहीं रोजमर्रा सामान की खरीददारी के लिए लोग जिला मुख्यालय स्थित बाजार इसी मार्ग से आते जाते है. लेकिन सड़क पर कीचड़ व जल जमाव के कारण लोगों को घोर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस कारण लोग दूसरे मार्ग से लंबी दूरी तय कर बाजार आते है. ऐसे में स्कूली बच्चों को जो गांव से जिला मुख्यालय पढने के लिए आते है. हमेशा परेशान रहते है. कीचड़ व जल जमाव के कारण बहुत से बच्चे स्कूल आना बंद कर दिया है. वहीं जल जमाव के कारण सड़क पर हमेशा गंदगी का आलम रहता है. शाम ढलते ही मच्छरों का प्रकोप बढ जाता है. जिससे आस पास रहने वाले लोग हमेशा परेशान रहते है. लगभग एक किमी तक सड़क की स्थिति अत्यंत ही दयनीय होने के कारण आस पास रहने वाले लोगों के साथ इस सड़क से गुजरने वाले लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. बारिश होने के बाद सड़क की स्थिति नारकीय हो जाती है. लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है. सड़क के बगल में लगे बांस के टटी एवं खूंटे के सहारे लोग सड़क पार करते है.
