नप के मुख्य पार्षद डाॅ विशाल कुमार बबलू व उप मुख्य पार्षद रामकृष्ण यादव के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को वोटिंग हुई. वोटिंग के दौरान उपस्थिति कुल 15 पार्षदों में से 13 पार्षदों ने मुख्य व उपमुख्य पार्षद के पक्ष में मतदान किया. वहीं अविश्वास विपक्ष में एक मत पड़े, जबकि एक मत पत्र पर किसी प्रकार का निशान नहीं रहने के कारण रद्द कर दिया गया. इस प्रकार से मुख्य व उपमुख्य पार्षद विश्वास मत हासिल कर लिया.
मधेपुरा : तमाम अटकलों और आकलनों पर पूर्णत: विराम लगाते हुए मुख्य पार्षद डाॅ विशाल कुमार बबलू व उपमुख्य पार्षद रामकृष्ण यादव ने सदन में विश्वास मत फिर से हासिल कर लिया है.
विशाल कुमार बबलू मधेपुरा नगर परिषद के मुख्य पार्षद बने. इससे पहले नगर परिषद के सभा कक्ष में शुक्रवार को नगर परिषद के मुख्य पार्षद व उप मुख्य पार्षद के विरुद्ध लगाये गये अविश्वास प्रस्ताव बैठक की कार्यवाही प्रारंभ की गयी. सर्वसम्मति से अविश्वास प्रस्ताव नियमावली 2010 के तहत बैठक की अध्यक्षता वार्ड नंबर 24 के वार्ड पार्षद डा विजय कुमार विमल ने की. बैठक को लेकर जिला पदाधिकारी मो सोहैल द्वारा जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजेश रोशन को पर्यवेक्षक बनाया गया था. इसके लिए नगर परिषद के सभा कक्ष में आयोजित विशेष बैठक में कुल 15 वार्ड पार्षदों ने भाग लिया. गौरतलब है कि मधेपुरा नप में कुल 26 पार्षद हैं जिनमें से 10 पार्षदों ने आवेदन देकर मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी थी़
इसके बाद विरोधी पार्षदों ने स्थानीय होटल में बैठक की़ जिसमें 12 पार्षदों ने उपस्थित होकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 14 पार्षद के समर्थन का दावा किया था. इसके बाद मुख्य पार्षद पर लगाये गये पर विशेष बैठक कीतिथि निर्धारित की गयी. इस पूरे मामले में पूर्व अध्यक्ष निर्मला देवी व विजय कुमार विमल विरोधी पक्ष के अगुवाई कर रहे थे.
तमात अटकलों पर लगा विराम
विशेष बैठक की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व नप के मुख्य पार्षद समर्थक गुट जहां अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आशान्वित दिख रही थी. वहीं विरोधी पक्ष भी अपने जीत का दावा कर रहे थे.
नगर परिषद कार्यालय के आस-पास चाय व पान दुकान पर समर्थक जीत व हार की चर्चा करते दिखे. हालांकि दिन के दो बजते बजते तस्वीर साफ होते ही एक पक्ष में खामोशी छा गयी तो दूसरे पक्ष में जीत की खुशी. दूसरी तरफ बैठक को लेकर मिटिंग हॉल समेत परिसर एवं अन्य आवाजाही पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी केमरा लगाया गया था. वहीं वीडियो ग्राफर की भी प्रतिनियुक्ति की गयी थी. जबकि पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस समेत पुलिस बल वहां तैनात थे.
