शक्षिा के मंदिर को दूषित करना छात्रों को पड़ा महंगा

शिक्षा के मंदिर को दूषित करना छात्रों को पड़ा महंगा प्रतिनिधि. सिंहेश्वर,मधेपुरा.शिक्षा के मंदिर को दूषित करने का प्रयास नवोदय विद्यालय सुखासन के 11 छात्रों को महंगा पड़ा. जब विद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता में लिप्त इन छात्रों के निलंबन की अनुशंसा जिला पदाधिकारी सह विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मो सोहैल के पास कर दी. […]

शिक्षा के मंदिर को दूषित करना छात्रों को पड़ा महंगा प्रतिनिधि. सिंहेश्वर,मधेपुरा.शिक्षा के मंदिर को दूषित करने का प्रयास नवोदय विद्यालय सुखासन के 11 छात्रों को महंगा पड़ा. जब विद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता में लिप्त इन छात्रों के निलंबन की अनुशंसा जिला पदाधिकारी सह विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मो सोहैल के पास कर दी. डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 छात्रों को निलंबित करने का निर्देश दिया. निलंबन के बावजूद ये छात्र मंगलवार को विद्यालय परिसर में अनुशासनहीनता का परिचय देते हुए अन्य छात्रों के साथ प्राचार्य के आवास का घेराव कर लिया और नारेबाजी करते हुए निलंबन वापसी की मांग की. जबकि विद्यालय के प्राचार्य ए के चौधरी ने सभी निलंबित छात्रों के अभिभावक को पत्र भेज कर निलंबन की सूचना से अवगत करा दिया था. इसके बावजूद छुट्टी के बाद विद्यालय खुलते ही 22 नवंबर को चार की संख्या में निलंबित छात्र विद्यालय पहुंच गये. इन सबको पुन: वापस किया गया. इसके बाद ये सभी छात्र जिला पदाधिकारी से मिल कर अपने पक्ष को रखा. लेकिन डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपकी गलती माफी योग्य नहीं है. — अभिभावक के साथ पहुंचे थे छात्र बताया जाता है कि डीएम के सख्त रवैये के बाद निलंबित छात्र के अभिभावक प्राचार्य ए के चौधरी से मिलने मंगलवार को विद्यालय पहुंचे. इस दौरान अभिभावक के साथ पहुंचे छात्र गेट के समीप खड़ा हो कर अन्य छात्रों को उकसाने का प्रयास करने लगे. जब प्राचार्य ने निलंबन वापसी की बात को सिरे से खारिज कर दिया तो करीब डेढ़ सौ की संख्या में छात्रों के लेकर निलंबित छात्र प्राचार्य के आवास का घेराव कर लिया. इसकी सूचना पर पहुंचे सिंहेश्वर थानाध्यक्ष राजेश कुमार, बीडीओ अजीत कुमार एवं सीओ ने पहले नरमी बरतते हुए निलंबित छात्रों को विद्यालय परिसर खाली करने को कहा. लेकिन जब उन्होंने विद्यालय को खाली नहीं किया तो प्रशासन ने निलंबित छात्रों से परिसर को खाली कराया. डीएम के कार्रवाई से बदला विद्यालय का वातावरण डीएम के द्वारा किये गये अनुशासनिक कार्रवाई से जवाहर नवोदय विद्यालय सुखासना का वातावरण बुधवार को बदला बदला सा था. छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थी. छात्राओं के साथ कई छात्र भी इस बात को स्वीकार कर रहे थे कि विद्यालय के माहौल को दुषित करने वाले छात्र को निलंबित किया जाना विद्यालय हित में सही निर्णय है. इन छात्रों ने डीएम व विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष मो सोहैल सहित प्राचार्य के प्रति आभार व्यक्त किया. —– इनसेट —-छात्राओं के साथ छेड़खानी के आरोप में किया गया था निलंबित प्रतिनिधि. सिंहेश्वर,मधेपुरा.जवाहर नवोदय विद्यालय सुखासन में पिछले सितंबर माह में करीब दो दर्जन छात्राओं ने 12 वीं के छात्रों पर छेड़खानी करने का आरोप लगाया था. लेकिन विद्यालय प्रबंधक ने इस अतिसंवेदनशील मामले को उजागर करने के बजाय अनुशासिनक कार्रवाई करने में जूट गया . सबसे पहले प्राचार्य ए के चौधरी ने एक जांच कमेटी का गठन कर दिया. जांच कमेटी की रिपोर्ट को अनुशासन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया. रिपोर्ट की समीक्षा कर अनुशासन समिति ने शीघ्र कार्रवाई के लिए डीएम को सौंपी. – समिति सदस्यों के सामने छात्राओं ने किया सच को उजागर सितंबर माह में रोती बिलखती प्राचार्य के कक्ष में गयी छात्राएं छात्रों के हरकतों को बयां करने में खुद को असहज महसूस कर रही थी. लेकिन प्राचार्य ने छात्राओं की परेशानी को समझते हुए अपनी बात लिखित रूप से देने को कहा. छात्रों के छेड़खानी से परेशान छात्राओं ने पहले मामले को दबा कर रखा लेकिन जांच समिति के समीप छात्रों ने अपनी आपबीती खुल कर बतायी. —- इनसेट —-प्राचार्य ने उठाया निर्णायक कदम प्रतिनिधि. सिंहेश्वर,मधेपुरा.प्राचार्य ए के चौधरी ने स्थिति विस्फोटक होने से पूर्व निर्णायक कदम उठाया. छात्राओं के साथ घटित घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं दी गयी. अगर ऐसा होता तो विद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता था. लेकिन प्राचार्य ने विवेक व धैर्य से कार्य करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी. —– इनसेट—-निलंबित छात्रों को डीएम ने बैरंग लौटाया प्रतिनिधि. सिंहेश्वर, मधेपुरा.नवोदय विद्यालय के जांचकमेटी से प्राप्त प्रतिवेदन को विद्यालय के अनुशासन समिति ने गंभीरता से लिया और कार्रवाई क लिए जांच रिपोर्ट को जिला पदाधिकारी सह विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मो सोहैल के पास भेज दी. डीएम ने छात्रों के अनुशासनहीनता पर संज्ञान लेते हुए 12 वीं कॉमर्स के 11 छात्र विनोद कुमार, आलोक कुमार, सोनू कुमार, रवि राजा, सुनील कुमार, पारस कुमार, अभिनंदन कुमार, कृष्ण कुमार एवं राजेश कुमार, पप्पू कुमार को सीबीएससी बोर्ड की परीक्षा तक विद्यालय से निलंबित कर दिया. निलंबित छात्रों ने जब डीएम से निलंबन वापसी की गुहार लगायी तो डीएम ने उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया कि आप माफी के योग्य नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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