मधेपुरा : जिला मुख्यालय स्थित नगर परिषद क्षेत्र बिना पंजीकरण के संचालित सभी टेलिकॉम कंपनियों के मोबाइल टावर पर कड़ा एतराज जताया है. नगर परिषद के मुख्य पार्षद डाॅ विशाल कुमार बबलू व कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार ने सभी अवैध टावरों को सील कर बंद करने की कार्रवाई करने के आदेश जारी किये हैं.
इस बाबत मंगलवार को नगर परिषद के सभी पार्षद व टैक्स दारोगा से सभी वार्ड में संचालित किये जा रहे मोबाइल टावरों की संख्या सहित अन्य जानकारी उपलब्ध करवाने का निर्देश जारी किया गया है. मुख्य पार्षद ने बताया कि दंडाधिकारी तैनात कर बिना पंजीकरण के संचालित किये जा रहे टावर को सील कर बंद करवाया जायेगा.
पंजीयन का दस्तावेज और राजस्व शुल्क जमा करने के बाद सील किये गये टावर को पुन: शुरू करने की अनुमति दी जायेगी. सील होने के बाद उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी और नुकसान के लिए संबंधित टेलिकॉम कंपनी जिम्मेदार होगी. मुख्य पार्षद ने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक टेलिकॉम कंपनियों को पंजीयन करवाने के लिए तीन बार नगर परिषद से नोटिस निर्गत किया जा चुका है. लेकिन टेलिकॉम कंपनियां अपनी जिम्मेदारी नहीं दिखा रही है.
ज्ञात हो कि प्रभात खबर अखबार द्वारा 28 नवंबर के अंक में नगर परिषद क्षेत्र में बिना पंजीकरण के संचालित किये जा रहे मोबाइल टावर की सूचना प्रमुखता से प्रकाशित की गयी थी. प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए नगर परिषद ने उपरोक्त कदम उठाया है. बिना पंजीकरण के टावर संचालित किये जाने से टेलिकॉम कंपनियों द्वारा नगर परिषद को लाखों रूपये का राजस्व का चुना लगाया जा रहा है.
वहीं पर्यावरण व घनी आबादी की अवहेलना कर बनाये गये मोबाइल टावर के कारण जनजीवन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. नगर परिषद के इस आदेश से टावर संचालकों के बीच बैचेनी उत्पन्न हो गयी है.
नगर परिषद क्षेत्र में बिना पंजीकरण करवाये संचालित किये जा रहे मोबाइल टावरों को सील करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है. लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. विनय कुमार, प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मधेपुरा.
