मधेपुरा : शहर के विकास के लिए सरकार तमाम योजनाएं बना रही है. इन योजनाओं के तहत जिले में विकास का कार्य जारी है. विश्व विद्यालय होने की वजह से जिले के विकास में और बढ़ोतरी हो रही है. लेकिन, एक समस्या जो लोगों को हमेशा परेशानी में डाल रही है. उसकी तरफ जिला प्रशासन का भी कोई ध्यान नहीं जा रहा है.
यह समस्या है पार्किंग की. सड़क निर्माण में नियमानुसार पार्किंग के लिए जगह भी छोड़ना है, लेकिन सच इससे अलग है. एक दशक पहले तक दो किलोमीटर लंबी एक सड़क की दोनों ओर लगा बाजार तक मधेपुरा का कारोबार सीमित था. अब शहर में सड़कों का जाल बिछता जा रहा है और इसके साथ ही बाजार का आकार भी विशाल होता जा रहा है. हालांकि, अन्य बड़े शहर की तरह मधेपुरा में भी पार्किंग की समस्या विकराल बनती जा रही है.
पार्किंग की व्यवस्था न तो किसी बैंक में और न बाजार में है. प्राइवेट नर्सिंग होम, साइबर, शॉपिंग सेंटर व शहर के बड़े- बड़े प्रतिष्ठानों के सामने जाम लगी रहती है. इस तरह घंटों जाम में रहने के कारण लोग जिले के आलाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को कोसते रहते हैं. चौक-चौराहों पर लगता है जाम सुभाष चौक स्थित बैंक ऑफ इंडिया एवं ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा और एडीबी, मेन रोड स्थित सेन्ट्रल बैंक आदि के सामने तो सुबह से लेकर देर शाम तक जाम की स्थिति बनी रहती है. मेन रोड पर ही कई ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम और डिपार्टमेंटल स्टोर हैं. जाम के कारण जयपालपट्टी चौक स्थित नर्सिंग होम एवं एलआईसी कार्यालय के सामने तो पैदल चलने की स्थिति भी नहीं रहती है.
