चुनाव में होगा विकास का मुद्दा अहम

चुनाव में होगा विकास का मुद्दा अहम फोटो – मधेपुरा से (फोटो के आगे नाम लिखा हुआ है. )प्रतिनिधि, मधेपुरा जिले सहित प्रखंडों में पांचवें चरण में होने वाले लोकतंत्र के महापर्व का असर लोगों में देखा जा रहा है. चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है. प्रत्याशी अपने अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार के द्वारा […]

चुनाव में होगा विकास का मुद्दा अहम फोटो – मधेपुरा से (फोटो के आगे नाम लिखा हुआ है. )प्रतिनिधि, मधेपुरा जिले सहित प्रखंडों में पांचवें चरण में होने वाले लोकतंत्र के महापर्व का असर लोगों में देखा जा रहा है. चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है. प्रत्याशी अपने अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार के द्वारा मतदाताओं को विकास की दुहाई देने लगे है. ऐसे में मतदाता भी प्रत्याशियों से विकास के नाम पर सवाल जवाब करने में पीछे नहीं है. मतदाता जागरूक हो चुके है. एक तरफ जहां पूर्व के चुनाव में जातीय समीकरण की चर्चा जोरों पर होती थी. लेकिन जागरूक मतदाता अब क्षेत्र विकास को भी अहम मुद्दा बनाने लगे है. अब देखना यह है कि विकास का मुद्दा अहम होता है या पूर्व से चली आ रही जाती प्रथा विकास पर भारी पड़ता है. ऐसे में क्षेत्र के युवा मतदाताओं कि सोच एवं मताधिकार का प्रयोग भी प्रत्याशियों के भाग्य के फैसले में अहम साबित होगा. इस संबंध में रविंद्र कुमार कहते है कि धर्म जाती की दीवार के कारण सही प्रत्याशियों का चयन नहीं हो पाता है. जिसका असर क्षेत्र के विकास पर सीधा पड़ता है. जो हम वर्षों से भुगत रहे है. वहीं युवा मतदाता नीतीश कुमार कुमार कहते है कि हमलोगों के सबसे जरूरी चीज है पढ़ाई. साथ ही पढ़ाई के बाद रोजगार की समस्या. ऐसे प्रत्याशी को मत देंगे जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की सोच रखते है. बिटटू कुमार का कहना है कि इस बार का चुनाव काफी रोचक होगा. जाती धर्म की दीवार पीछे रह जायेगी और विकास के नाम पर ही मतदाता सही प्रत्याशी का चयन कर क्षेत्र के विकास में भागीदार बनेंगे. आदेश कुमार का कहना है कि सभी मतदाताओं को अपने वोट का प्रयोग करना चाहिए. लेकिन मताधिकार का प्रयोग करते समय यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि हम जिस प्रत्याशी वोट दें रहे है क्या वे अपने स्वार्थ की राजनीति से उपर उठ कर क्षेत्र के विकास में सही साबित होंगे. ब्रजेश कुमार का कहना है बहुत हो चुका अब धोखा नहीं खायेंगे. ऐसे प्रत्याशी को चुनेंगे जो क्षेत्र का विकास करें. सिर्फ आश्वासन के बल पर वोट नहीं करेंगे.मनीष कुमार कहते है कि अबकी बार किसी के झांसे में नहीं आयेंगे. सिर्फ सब्जबाग दिखा कर चुनाव के बाद क्षेत्र के विकास से कोसों दूर रहने वाले प्रत्याशियों को पहचान कर ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. जिससे की प्रदेश के विकास के साथ – साथ हमारे क्षेत्र का भी विकास हो. आशीष कुमार का कहना है कि चुनाव के वक्त प्रत्याशी एक से एक वादे तो करते है लेकिन जितने के बाद अपने वादे से कोसों दूर चले जाते है और क्षेत्र की जनता बेचारी बन कर रह जाती है. लेकिन अब मतदाताओं में जागरूकता आ चुकी है. पहले की अपेक्षा मतदान के महत्व को समझने लगे है. वहीं रूपेश कुमार व दिलखुश कुमार का कहना है कि इस बार लोक तंत्र का महापर्व विकास के मुद्दे पर होगा. जहां विकास और रोजगार की बात होगी उसी ओर जागरूक मतदाताओं का रुझान होगा.

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