मजदूरों के पलायन से मतदान प्रतिशत पर पड़ेगा असर प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ाजिले सहित प्रखंडों में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकारी संस्थानों द्वारा रैली, नुक्कड़ नाटक, जत्था कलाकारों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर प्रखंड क्षेत्र में पेट भुख एवं परिवार के भरण पोषण की चिंता से परेशान मजदूर मतदान से बेखबर हो कर रोजगार की तलाश में अपने प्रदेश छोड़ कर अन्य प्रदेश पलायन करने को विवश है. बसों एवं टे्रनों भर कर आये दिन काम की तलाश में प्रदेश छोड़ कर बाहर जा रहे है. रेलवे स्टेशनों पर मजदूरों की भीड़ इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि इन मजदूरों के पलायन से मतदान के प्रतिशत पर असर तो अवश्य ही पड़ेगा. नोहड़ के लक्ष्मण तांती, शाहपुर के महेंद्र पासवान, सरौनी के ब्रहमदेव का कहना है कि लोकतंत्र निर्माण के लिए वोट का महत्व बहुत अधिक है. वोट हमारा अधिकार है एक एक वोट से ही जीतहार सुनिश्चित होती है. हमारा वोट ही सही सरकार का चुनाव करेंगा. जो प्रदेश के विकास में सहायक होगा. लेकिन परिवार की चिंता व पेट की आग के लिए रोजगार की तलाश भी आवश्यक है. जिस कारण प्रदेश जाना हमलोगों की मजबूरी है. एक तरफ यदि गौर किया जाय तो क्षेत्र से रोज मजदूरों का पलायन दूसरे प्रदेश में हो रहा है. जिसका असर मतदान के प्रतिशत पर पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है.
मजदूरों के पलायन से मतदान प्रतिशत पर पड़ेगा असर
मजदूरों के पलायन से मतदान प्रतिशत पर पड़ेगा असर प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ाजिले सहित प्रखंडों में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकारी संस्थानों द्वारा रैली, नुक्कड़ नाटक, जत्था कलाकारों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर प्रखंड क्षेत्र में पेट भुख एवं परिवार के भरण पोषण […]
