मधेपुरा . जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य शरद यादव बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र की यह सरकार वादा सरकार बन कर रह गयी है. बिहार में चुनाव नजदीक है. लोगों को 2014 के लोक सभा चुनाव में किये गये वादों को तौल कर ही निर्णय लेना चाहिए. हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार का वादा किया गया था. नौकरी पाने वाला एक युवक परिवार को पांच सदस्यों को खुश रखता. यह वादा पूरा हुआ होता तो एक साल में दस करोड़ लोग खुश होते. सच यह है कि रोजगार के अवसर बंद हैं
तथ्य से परे है मोदी का वादा.
आरा में नरेंद्र मोदी ने कई ऐसी घोषणाएं की जो दस से 15 वर्ष पहले हो चुकी थीं और उनपर 50 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है. मधेपुरा में एनएच 106-107, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, सहरसा में कृषि कॉलेज पुरानी बात हो चुकी है. सांसद मद से ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए 23 करोड़ रु पये हमने दिये थे. हर प्रखंड में कला भवन भी बनवाया, जो काम हो चुके हैं उन्हें दोहराने का क्या फायदा.
गठबंधन तो हुआ, अब आपका क्या
कहने वाले कहते थे कि राजद -जदयू का गठबंधन कभी नहीं होगा. गठबंधन हुआ. सीटें भी बंटी. 30 की स्वाभिमान रैली के बाद तसवीर साफ हो जायेगी, लेकिन उधर तो बहुत बड़ा सर्कस है. इधर का साथ छोड़ कर उधर गये मित्रों से बस यही कहूंगा कि सतर्क रहें. गत विस चुनाव में भाजपा ने जितनी सीटें जीती थीं उतनी ही उनकी है.
