मधेपुरा: वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोरचा पटना के आह्वान पर गुरुवार को जिला संघर्ष मोरचा द्वारा समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया. धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो विजेंद्र नारायण यादव ने की. मौके पर प्रो विजेंद्र ने कहा कि कोसी वित्तरहित मोरचा के द्वारा अंतिम नारा ‘वित्तरहितों की अंतिम लड़ाई है और नहीं तो सरकार की विदाई है’ आज सूबे के सभी विवि में गूंज रहा है. अगर अब भी राज्य सरकार सचेत नहीं हुई तो वित्तरहित शिक्षक व कर्मचारी निर्णायक लड़ाई का शंखनाद करेंगे. वहीं डिग्री महा संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रो अशोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2004 में मधेपुरा लोकसभा से जीतने के बाद टीपी कॉलेज चौक पर लालू प्रसाद यादव ने वित्तरहितों की सारी समस्या का निदान कर वेतन देने की घोषणा की थी. अगर इस बार सरकार हमें वेतन नहीं देती है तो मंडल मसीहा की धरती से क्रांतिकारी आंदोलन किया जायेगा. प्राचार्य महासंघ के महा सचिव डॉ माधवेंद्र झा ने कहा कि जनता परिवार में शामिल सभी नेताओं ने वित्तरहितों को ठगने का काम किया है. अब अपने हक हकूक के लिए वित्तरहित किसी के आश्वासन के भरोसे नहीं रहने वाले है.
22 जून को विधान सभा के समक्ष धरना दिया जायेगा. वहीं तीन अगस्त से विधान सभा के समक्ष अनिश्चितकालीन महा धरना दिया जायेगा. इसके बाद भी सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तो मधेपुरा से वित्तरहित रथ निकलेगी, जो पूरे बिहार में भ्रमण कर आगामी विधान सभा चुनाव में सरकार के विरोध में मतदान करने का आग्रह वित्त रहित कर्मचारियों से करेंगी.
धरना कार्यक्रम को प्रो सुजित कुमार मेहता, प्रो गंगाधर यादव, प्रो मनोज भटनागर, डॉ निलाकांत यादव, डिग्री महासंघ के महेंद्र प्रसाद यादव, जयशंकर यादव, कामेश्वर यादव, प्रो आशा शर्मा, प्रो शसीम कुमारी, प्रो ललिता, प्रो संगीता आदि ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन प्रो धुर्वेद्र कुमार ने किया. कार्यक्रम में वित्तरहित शिक्षक व कर्मचारियों ने हिस्सा लिया.
