ईमानदार लोगों से डरते हैं सब : पप्पू

मधेपुरा: वैचारिक लोगों से, संघर्षशील लोगों से भय लगता है. सत्य समझने सुनने में भय लगता है. वैचारिक व ईमानदार लोगों से सब डरते है. लालू यादव को सुकरात का इतिहास पढ़ लेना चाहिए. तब पप्पू यादव के बारे में बोलना चाहिए. उपरोक्त बातें सोमवार को जिले के अतिथि गृह में संवाददाताओं को संबोधित करते […]

मधेपुरा: वैचारिक लोगों से, संघर्षशील लोगों से भय लगता है. सत्य समझने सुनने में भय लगता है. वैचारिक व ईमानदार लोगों से सब डरते है. लालू यादव को सुकरात का इतिहास पढ़ लेना चाहिए. तब पप्पू यादव के बारे में बोलना चाहिए.

उपरोक्त बातें सोमवार को जिले के अतिथि गृह में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मधेपुरा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कही. उन्होंने लालू प्रसाद को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब लालू के साथ थे तो पप्पू को भी मंडल का नायक कहा गया तो कभी बहादुर की संज्ञा दी गयी. लालू को विपक्ष का नेता बनने में मदद की तो पप्पू बहुत अच्छे थे और जब हम अलग हो गये और बिहार के दस करोड़ लोगों के हितों की बात करते है. हमारी आवाज पूरे सिस्टम के खिलाफ है. चाहे मेडिकल सिस्टम हो, शिक्षा सिस्टम, भ्रष्टाचार का मुद्दा हो या दलाली प्रथा के खिलाफ आवाज उठाते है तो लालू और उनके पार्टी के लोगों में बुरे हो गये. बाहुबली की संज्ञा दी गयी, जबकि लालू यादव व उनके परिवार और सत्ता की नीव ही गाजा माफिया, बालू माफिया और शराब माफिया के नीव पर टिकी है. वे पप्पू को पसंद नहीं करते है. उन्होंने कहा कि वे अपने जात व समाज का नहीं हो पाये, लेकिन पप्पू हमेशा समाज में दबे कुचले किसान मजदूर छात्र नौजवान व गरीबों की हक की बात करता है और उनके हक के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की राजनीति में पहला पार्टी जन अधिकार पार्टी है. जिन्होंने लिख कर दिया संपत्ति की जांच की जाय. उन्होंने कहा कि राजद का कोई मुद्दा विचारधारा नहीं रहा. विचार धारा को बेच दिया गया है और राजद के कार्यकर्ता सड़क पर है. चुनाव के वक्त लालू के द्वारा जातीय जनगणना की बात करना समाज में जाति उन्माद फैलाना चाहते है.

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