सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों के विलंब से आने की रोज मिल रही शिकायतों के बाद अब सिविल सजर्न कठोर कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं. बुधवार को सीएस ने प्रभात खबर से बातचीत में बताया कि अब डॉक्टर मुख्यालय में रहते हैं या नहीं इसकी जांच की जिम्मेदारी थानेदारों को दी जायेगी. अस्पतालों में नहीं रहते हैं चिकित्सक उन्होंने कहा कि चिकित्सक अस्पतालों में बिल्कुल नहीं रहते हैं. एक सिविल सजर्न कौन-कौन अस्पताल में जा कर बैठेंगी. यहां के चिकित्सकों को इन सब बातों की कोई परवाह नहीं है.
अब थानेदार करेंगे डॉक्टरों की निगरानी
सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों के विलंब से आने की रोज मिल रही शिकायतों के बाद अब सिविल सजर्न कठोर कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं. बुधवार को सीएस ने प्रभात खबर से बातचीत में बताया कि अब डॉक्टर मुख्यालय में रहते हैं या नहीं इसकी जांच की जिम्मेदारी थानेदारों को दी जायेगी. अस्पतालों […]

इसके लिए हमने अपने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों के आवास का पता व मोबाइल नंबर तैयार करें. इनकी सूची संबंधित थानाध्यक्ष को दी जायेगी और उनसे कहा जायेगा कि वे रात में जांच करें कि चिकित्सक रात में अपने आवास में रहते हैं या नहीं.
अस्पताल के नजदीक निवास तय करें : सीएस ने कहा कि चिकित्सक हाउस रेंट जब सरकार से लेते हैं तो उन्हें अस्पताल के नजदीकी स्थानों पर ही अपना निवास तय कर रहना है. लेकिन ऐसा नहीं होता है. चिकित्सक भागलपुर से नवगछिया व खरीक जाते हैं, ऐसे में जाम व अन्य कारणों से अस्पताल पहुंचने में विलंब होता है और मरीज हंगामा करते हैं. मंगलवार को जब सीएस ने नवगछिया व अन्य अस्पतालों का निरीक्षण किया था तो कई चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये थे. इतना ही नहीं सीएस के जाने के बाद भी बुधवार को कई अस्पतालों में चिकित्सक के नहीं रहने की शिकायत सीएस को फोन पर दी गयी.