ट्रैफिक नियम में बदलाव के बाद डीएल बनवाने को ले बढ़े आवेदन, हेलमेट पहनने लगे चालक

मधेपुरा : केंद्र सरकार के संशोधित मोटर वीइकल एक्ट-2019 को प्रदेश सरकार की ओर से एक सितंबर से लागू कर दिया गया है. ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने अब नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है. भारी भरकम फाइन से बचने के लिए लोग अब सभी जरूरी कागजात पूरे […]

मधेपुरा : केंद्र सरकार के संशोधित मोटर वीइकल एक्ट-2019 को प्रदेश सरकार की ओर से एक सितंबर से लागू कर दिया गया है. ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने अब नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है. भारी भरकम फाइन से बचने के लिए लोग अब सभी जरूरी कागजात पूरे कर रहे हैं. एक तरफ जहां दो पहिया वाहन चालकों में हेलमेट की खरीदारी बढ़ गयी है.

वहीं, चार पहिया वाहन चालकों की प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे है. डीटीओ रजनीश लाल ने बताया कि नये नियम लागू होने के बाद फर्क दिख रहा है. वाहन चालक अब चालान से बचने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहे हैं. साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के आवेदनों में भी इजाफा हुआ है.
हेलमेट की बिक्री में तेजी से हुआ है इजाफा: नये ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद से पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है. रॉन्ग साइड ड्राइविंग, हेलमेट, बिना सीट बेल्ट के ड्राइविंग समेत अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है. इसके चलते मार्केट में हेलमेट की खरीदारी तेजी से बढ़ी है.
हेलमेट दुकानदार ने बताया कि लोग अब हेलमेट खूब खरीद रहे हैं. दोपहिया वाहन चालक चालान से बचने के लिए हेलमेट खरीद रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले महीने में 10 से 15 हेलमेट की ही बिक्री होती थी, जबकि पिछले 5 दिनों में 25 से 30 हेलमेट प्रतिदिन बिक रही है.
प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाने लगे है वाहन चालक: प्रदूषण जांच केंद्रों पर दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पहुंचने लगे है.
इनमें ऑटो चालकों की संख्या सबसे अधिक है. पेट्रोल पंप के पास प्रदूषण जांच केंद्र का संचालन करने वाले संजय ने बताया कि नये नियम लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले रोजाना दो से चार वाहनों की ही प्रदूषण जांच करते थे. वहीं, अब 30 से 50 लोग जांच कराने आ रहे हैं. जिसके चलते दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहती है. उन्होंने बताया कि बीएस-4 मॉडल व अन्य गाड़ियों के लिए अलग मापदंड तय है.
पांच दिनों में 170 आवेदन: नये ट्रैफिक नियम बनने का असर जिला परिवहन कार्यालय में लगने वाली भीड़ के रूप में देखी जा सकती है. बीते एक सितंबर से पांच सितंबर तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कुल 170 आवेदन जमा हुए है. इसमें 168 पुरुष व दो महिला है, जबकि अगस्त माह में डीएल के लिए 714 आवेदन जमा हुए थे.
ट्रैफिक नियमों का करें पालन
चालान के नये नियम आने के बाद हमारी टीम शहर के अलग-अलग हिस्सों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही है. इस दौरान वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए भी प्रेरित किया जाता है.
राकेश कुमार, एमवीआइ, मधेपुरा

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