मधेपुरा : खाने-पीने में लापरवाही व साफ-सफाई के अभाव में लोग डायरिया का शिकार हो रहे हैं. गर्मी के बढ़ते ही सदर अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी है. सदर अस्पताल में भर्ती करीब आधे दर्जन मरीज डायरिया से ग्रसित है. मरीजों को चिकित्सकों द्वारा इलाज के साथ रोग से उपाय बताया जा रहा है.
इस बाबत चिकित्सक सुमन झा ने बताया कि इलाज के बाद डायरिया से ग्रसित मरीजों की स्थिति में सुधार है. वहीं डाॅ यश कुमार ने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ पानी पीने में कमी करने, साफ-सफाई में कमी व मौसम परिवर्तन के कारण लोग डायरिया का शिकार हो जाते है.
मरीजों को ओआरएस का घोल व इल्कट्रोन की दवा दी जा रही है. उन्होंने कहा कि हल्की सावधानी बरतने में कमी के कारण लोगों को डायरिया से ग्रसित होना पड़ता है. अगर अनुरूप व सही मात्रा खाने-पीने व साफ-सफाई रखें, तो लोगों का डायरिया का डर नहीं सतायेगा.
वही भर्ती मरीज का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड के बेड के पास दूर में पंखा लगे रहने के कारण गर्मी लगती रहती है. इससे अस्पताल प्रशासन में कोई संज्ञान नहीं दिख रही है.
