मधेपुरा : मौसम में बदलाव के कारण बीमारियों में परेशानी भी शुरू कर दिये हैं. अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है. ओपीडी में ज्यादातर मरीज सर्दी खासी और बुखार के आ रहे हैं. सुबह शाम ठंडे वह दिन भर मौसम गर्म रहने के सारे अधिक तापमान प्रभावित हो रहा है.
मौसम की अनदेखी हर किसी पर भारी पड़ती दिख रही है. अस्पतालों में बुखार वायरल हो, सर्दी व जुखाम के मरीजों की संख्या में इजाफा होता दिखा रहा है. सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों से बचने का सबसे आसान तरीका है कि अपने हाथों को साफ रखना. ज्यादातर लोग अपने हाथों को साफ नहीं रखते है.
बदलते मौसम का मिजाज कुछ लोगों को रोमांचित भी कर देता है ऐसे में कई लोग अचानक से गर्मी वाले स्टाइल में आ जाते हैं. लेकिन वैसा करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इस बदलते हुए मौसम में अपना और अपने परिवार का ख्याल रखना काफी जरूरी है. क्योंकि यही वह टाइम है जब बीमार होने का खतरा सबसे ज्यादा होती है.
अभी है लू की आशंका : मौसम में बदलाव का असर पछुआ हवा को लेकर शुरू से ही लोग महसूस करने लगे है. दोपहर में लगभग दो तीन घंटे हल्की हवा में धूल के गुब्बार परेशान करते है. इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है. आगे पछुआ हवा तेज चलने की संभावना जतायी जा रही है.
इस मौसम में लू की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. बीच-बीच में हुई हल्की बारिश की वजह से तापमान में गिरावट हुई थी, लेकिन गर्मी के साथ उमस परेशान करने लगी है.
दोपहर में तेज धूप: दोपहर में तेज धूप ने लोगों को परेशानी बढ़ा दिया है. दिन के दस बजे के बाद से ही गर्मी की तीव्रता अधिक हो जाती है. इसके अलावा दो बजे तक की धूप लोगों को गर्मी से परेशान कर देती है.
चेहरे ढ़क कर निकलते है लोग: गर्मी की वजह से धूप निकलते ही लोग चेहरे को स्ट्रॉल व कपड़े से ढ़क कर निकलने लगे है. खासकर स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है. कामकाजी लोगों के अलावा दिन के समय जरुरत नहीं रहने पर लोग नहीं निकलते है. हालांकि जरूरत के काम को निबटाने के लिए लोग शाम को ही बाजार निकल रहे है.
वायरल बुखार से पीड़ित हो रहे हैं लोग
डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी बीमारी में सबसे ज्यादा वायरल बुखार से पीड़ित लोग मिलते हैं. इसके अलावा सर्दी जुकाम थ्रोट इनफेक्शन के साथ साथ पीलिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां भी हो भी ऐसे मौसम में होती है इसी का नतीजा है कि गर्मियों का मौसम शुरू होते ही अस्पताल के मरीजों से भरने शुरू हो जाते हैं
बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक इस बदलते मौसम की मार सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ती है. क्योंकि इम्यूनिटी कम होने के चलते इन में इन्फेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है.
तापमान में हो रही है वृद्धि
गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. अप्रैल के शुरुआती दिनों से ही शुरु हुई तापमान वृद्धि लगातार जारी है. इसके अलावा बीते एक सप्ताह में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. मौसम केंद्र के अनुसार फिलहाल कोई मौसम में विशेष बदलाव नहीं होने वाला है.
अनुमान के मुताबिक अप्रैल के अंत तक पारा लगातार चढ़ता रहेगा. गर्मी अपने शुरुआती सीजन में ही लोगों को असर दिखाने लगी है. इसके अलावा बारिश होने की संभावना अभी न के बराबर है.
