मधेपुरा : बुधवार को प्रभात खबर से हुई खास बातचीत में सूबे के ऊर्जा मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत मधुबनी के उच्चैठ भगवती स्थान, उमगांव से परसरमा होते सहरसा के महिषी तारास्थान तक दो देवी स्थानों को एनएच 527ए जोड़ेगा.
इसके साथ ही एनएच 527ए को जोड़ने के लिए कोसी नदी पर देश के सबसे लंबे पुल का भी रास्ता साफ हो गया है. इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. भू-अर्जन विभाग ने इसके लिए 3ए का प्रस्ताव भेज दिया है. मंत्री ने बताया कि इस सड़क के लिए जिले में 54.065 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा.
मधुबनी जिला के उच्चैठ भगवती स्थान, उमगांव से बासोपट्टी, बेनीपट्टी, रहिका, मधुबनी, रामपट्टी, अवाम, लउफा, भेजा, परसरमा परसौनी एनएच 527ए होते हुए महिषी, बनगांव, बरियाही तक जायेगी. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है.
पुल में होंगे 204 पीलर
मंत्री ने कहा कि उमगांव से महिषी तक एनएच 527ए पर कोसी नदी में भारत का सबसे लंबा पुल बनाया जायेगा. सड़क महासेतु और रेल महासेतु की लंबाई 1.78 किमी है, जबकि बकौर के पास बनने वाले पुल राज्य ही नहीं देश का सबसे लंबा 10.2 किमी का होगा. बकौर तक बनने वाले 10.2 किमी लंबे पुल की लागत 1293 करोड़ आयेगी.
इस पुल में 204 पीलर और 50 मीटर लंबे 50 स्पैनों का इस्तेमाल किया जायेगा. पुल की कुल चौड़ाई 16 मीटर और दोनों ओर डेढ़ मीटर की फुटपाथ होगी. इस पुल के बन जाने से सुपौल और मधुबनी की दूरी और कम हो जायेगी. उन्होंने बताया कि इस प्राक्कलित राशि में गाइड बांध व कटाव निरोधी कार्य के लिए भी 300 करोड़ रुपये आवंटित किये गये है.
डीएम को मिला विभाग का पत्र
प्रभारी मंत्री ने कहा कि पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू है. अधिकारिक रूप से सुपौल व संबंधित जिले के डीएम को पत्र भी जारी कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि कोसी नदी पर बनने वाला देश का सबसे लंबा पुल तैयार होने पर क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा कोसी क्षेत्र में राष्ट्रीय राज्य मार्ग से कटे इलाके भी एनएच में शामिल हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि पुल कोसी क्षेत्र में विकास को नया आयाम देगा.
