मधेपुरा : बीएन मंडल विश्वविद्यालय में संविदा पर कर्मियों की गुपचुप बहाली को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों ने हंगामा करते हुए प्रोवीसी प्रो फारूक अली सहित पदाधिकारी व कर्मियों के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया. इस घटना में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी जयकृष्ण यादव के पुत्र राजीव कुमार का सिर फट गया. वहीं प्रोवीसी सहित अन्य पदाधिकारियों व कर्मियों को चोटें आयी है.
छात्रों ने प्रो वीसी व कर्मियों से की मारपीट
मधेपुरा : बीएन मंडल विश्वविद्यालय में संविदा पर कर्मियों की गुपचुप बहाली को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों ने हंगामा करते हुए प्रोवीसी प्रो फारूक अली सहित पदाधिकारी व कर्मियों के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया. इस घटना में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी जयकृष्ण यादव के पुत्र राजीव कुमार का सिर फट गया. वहीं प्रोवीसी […]

छात्रों ने प्रो वीसी…
घटना के बाद पहुंची पुलिस ने छात्र व कर्मचारियों के झड़प को शांत करने का प्रयास किया. एक घंटे तक विवि परिसर रणक्षेत्र बना रहा. विवि में स्थिति बिगड़ने पर कुलसचिव ने काम-काज स्थगित कर परिसर को खाली करवाने का निर्देश जारी किया. इस बीच विवि पहुंच कर सदर डीएसपी वसी अहमद व डीएसएलआर ने स्थिति का जायजा लिया और कार्रवाई के लिए कुलपति से वार्ता की. इस दौरान कुलसचिव के निर्देश पर कुलानुशासक डॉ अरुण कुमार यादव ने छह नामजद छात्र नेताओं के अलावा 19 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सदर थानाध्यक्ष को पत्र लिखा.
प्रचार-प्रसार नहीं करने का आरोप
विवि में आवश्यकता अनुसार कर्मियों को संविदा पर बहाल करने की प्रक्रिया अपनाते हुए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया जा रहा था. विवि कर्मियों को संविदा पर बहाल करने के लिए पहले योग्य अभ्यर्थियों की सूची तैयार की जा रही थी, लेकिन छात्र संगठनों की आपत्ति इस बात को लेकर थी कि इंटरव्यू का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया. विवि पीछे के दरवाजे से गुपचुप तरीके से कर्मियों की बहाली कर रही है. इसी बात को लेकर कुछ छात्र नेता ने प्रेक्षा गृह स्थित इंटरव्यू हॉल में हंगामा शुरू कर दिया. मौके पर विवि के पदाधिकारियों द्वारा छात्र नेताओं को डरा धमका कर बाहर निकाला गया. लेकिन इसके बाद दर्जनों की संख्या में विवि पहुंचे छात्रों ने जम कर तोड़फोड़ की.
कर्मी कलम ही नहीं, लाठी भी रखें : कुलसचिव
विवि में आये दिन छात्र संगठनों के उपद्रव को देखते हुए बुधवार को कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने फरमान जारी करते हुए कहा कि अब कर्मचारियों को कलम के साथ लाठी भी चलाना होगा. उन्होंने कहा कि विवि की सुरक्षा में लाठी नहीं चलाने वाले कर्मियों का वेतन काट लिया जायेगा. विवि में विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने पर फौज की तैनाती करने की बात कर्नल ने कही. उन्होंने कहा कि अगर जिला प्रशासन विवि की सुरक्षा में सक्षम नहीं होती है,
तो फौज के जवानों को बुलाया जायेगा. विवि में 200 कर्मियों के रहते पदाधिकारी के साथ मारपीट की घटना को कुलसचिव ने शर्मनाक बताया. कुलसचिव के निर्देश पर विवि परिसर में छात्र नेताओं से मुकाबला करने के लिए लाठी पार्टी को तैनात भी कर दिया गया. वहीं उन्हें निर्देश दिया गया कि विवि में हंगामा करने वाले को लाठी से पीट कर भगाओ.
संविदा पर बहाली का विरोध करने पहुंचे छात्रों व विवि प्रशासन में ठनी
छह नामजद छात्र नेताओं व 19 अज्ञात पर प्राथमिकी
घटना ने विवि को शर्मशार किया है. इस तरह की घटना करने वालों का सामाजिक स्तर पर बहिष्कार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि विवि सारी कार्रवाई छात्रों से पूछ कर करेगी तो विवि का विकास ठप पड़ जायेगा. विवि काम में पारदर्शिता बरत रही है. विवि भी संवैधानिक संस्थान है. लेकिन विवि नहीं पूरे समाज को शर्मसार करने वाली इस तरह की घटना भविष्य में न हो विवि प्रशासन इसकी उम्मीद करती है.