मधेपुरा : झल्लू बाबू सभागार में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने गुरुवार को सदर अनुमंडल के सभी पंचायतों के मुखिया प्रतिनिधि के साथ बैठक की. डीएम ने कहा शौचालय निर्माण में भागीदारी की बहुत जरूरत है. क्योंकि कोसी क्षेत्र में पानी का स्तर बहुत ऊंचा है. शौचालय निर्माण में एहतियात बरतने की जरूरत है, जो […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मधेपुरा : झल्लू बाबू सभागार में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने गुरुवार को सदर अनुमंडल के सभी पंचायतों के मुखिया प्रतिनिधि के साथ बैठक की. डीएम ने कहा शौचालय निर्माण में भागीदारी की बहुत जरूरत है. क्योंकि कोसी क्षेत्र में पानी का स्तर बहुत ऊंचा है. शौचालय निर्माण में एहतियात बरतने की जरूरत है, जो भी व्यक्ति अपनी पूंजी लगाकर शौचालय का निर्माण कर रहे हैं उन्हें 20 से 30 दिनों के प्रोसेसिंग कार्य के अंतर्गत भुगतान कर दिया जायेगा. इस कार्य में आपकी भागीदारी, सहयोगात्मक कार्य का होना जरूरी है.
इसलिए सभी जनप्रतिनिधि व्यक्तियों के बीच जाकर शौचालय निर्माण से संबंधित कार्य को पूर्ण कराने के लिए पंचायत व वार्ड स्तर पर बैठक बुलाकर, आमसभा कर सफल बनाएं तथा शौचालय निर्माण के बाद इन के प्रयोग पर भी ध्यान देने की जरूरत है.
एसडीएम ने कहा 30 अगस्त ओडीएफ घोषित कराने में निभाएं अपनी भूमिका : एसडीओ वृंदा लाल ने कहा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत शौचालय निर्माण का कार्य जिला में किया जा रहा है. शौचालय निर्माण योजना व अन्य योजना में काफी भिन्नता है.
आप लोगों को बुलाने का मुख्य उद्देश्य है कि शौचालय निर्माण में पूर्ण सहयोग करें व प्रशासनिक सफलता आपके सहयोग पर ही निर्भर करेगा. जिन वार्डों में 50 प्रतिशत शौचालय का निर्माण पूर्ण हो गया है. वहां भुगतान कर दिया जायेगा. बैठक में मुखिया संघ अध्यक्ष स्वदेश कुमार के द्वारा आश्वस्त किया गया कि प्रशासन को पूर्ण सहयोग किया जायेगा व सभी मुखिया अपने-अपने पंचायतों में जाकर 30 अगस्त तक शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण करा कर ओडीएफ घोषित करने के लिए सहयोग करेंगे.
उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि जिला में शौचालय निर्माण की गति बहुत ही धीमी है. जिला अंतर्गत 194462 में 50 प्रतिशत शौचालय का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है. बाकी बचे शौचालय निर्माण के लिए पंचायत स्तर पर मुखिया, वार्ड सदस्य, जनप्रतिनिधि का सहयोग बहुत जरूरी है. बिना मुखिया के सहयोग से शौचालय का निर्माण पूर्ण रूप से सफल होना असंभव है. 31 अक्तूबर 2018 तक जिला को पूर्ण ओडीएफ घोषित किया जाना है. इस कार्य के लिए लोगों के बीच जागरूकता लाने की जरूरत है. इस कार्य को सफल बनाने के लिए प्रशासन के द्वारा रात्रि चौपाल की भी व्यवस्था की जा रही है. रोको टोको कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है. शौचालय निर्माण के लिए गरीबों को मटेरियल दिलवाने में जनप्रतिनिधि के सहयोग की जरूरत है.
डीएम ने मुिखया को किया सम्मानित
बैठक के बाद डीएम ने जिले के छह ओडीएफ घोषित पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अनिल कुमार अनल व अन्य को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. बैठक में डीडीसी मुकेश कुमार, एसडीओ वृंदा लाल, डीपीआरओ महेश कुमार पासवान, मुखिया संघ के अध्यक्ष स्वदेश कुमार, मुखिया अनिल अनल, ओम यादव आदि उपस्थित थे.
सूर्यास्त के बाद नहीं करें गोदाम से खाद्यान्न डिस्पैच
जीपीएस चालू रहने पर दें लोड
खाद्यान्न वाहन पर लोड कर आने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना है कि वाहन में लगा जीपीएस या लोड सेल क्रियाशील है या नहीं इसके उपरांत ही उस वाहन पर खाद्यान्न का बोरा रखना है. यदि ट्रांसपोर्टर द्वारा ऐसे वाहन की आपूर्ति जान बूझकर की जाती है. जिसमें जीपीएस क्रियाशील नहीं है, तो साक्ष्य के साथ अविलंब सूचना उपलब्ध करायेंगे. उक्त ट्रांसपोर्टर का इकरारनामा रद्द करने के लिए विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करेंगे. वाहन प्रस्थान करने के बाद अनलोडिंग को भी सुनिश्चित रूप से पीडीएस डीलर के गोदाम में कराना है. वाहन ट्रैकिंग कंट्रोल रूम में कार्यरत गर्मी का यह दायित्व होगा कि वह पीडीएस डीलर के गोदाम तक वाहन पहुंची या नहीं इसकी रिपोर्ट करें. डीएम ने सभी बीएसओ को निर्देश दिया कि वह डायरेक्टरी बनाकर पीडीएस डीलर का मोबाइल नंबर नाम व पंचायत की विवरण उपलब्ध कराएं.
कुसहा त्रासदी के बाद 10 वर्षों से सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर बाधित है ट्रेन सेवा
रेलमंत्री ने ऊर्जा मंत्री से किया वादा, 31 मार्च तक बहाल हो जायेगी रेल सेवा
लोगों में है असंतोष
सहरसा-फारबिसगंज व सरायगढ़-निर्मली के बीच ट्रेनों का परिचालन व अमान परिवर्तन कार्य पूर्ण नहीं होने से लोगों में असंतोष का माहौल व्याप्त है. लोगों का मानना है कि इलाके में वर्षों से रेल का परिचालन बंद है. जिस कारण इस रेलखंड के तकरीबन 35 लाख की बड़ी आबादी को आवागमन की समस्या से जूझना पड़ रहा है. उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी कोसी इलाके के प्रति लापरवाह है. लोगों ने बताया कि विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि समय-समय पर नयी-नयी घोषणाएं कर लोगों को नये सब्जबाग दिखाते हैं.