मधेपुरा : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बहाल करने के लिए विद्यालय में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. बेहतर शिक्षा के बिना बेहतर सामाजिक संरचना नहीं हो सकती है. उक्त बातें जिला शिक्षा पदाधिकारी उग्रेश प्रसाद मंडल ने बुधवार को स्थानीय टीपी कॉलेजिएट उच्च विद्यालय मधेपुरा में छात्र, शिक्षक, अभिभावक संगोष्ठी में कही.
बच्चों को भेजें स्कूल: डीइओ
मधेपुरा : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बहाल करने के लिए विद्यालय में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. बेहतर शिक्षा के बिना बेहतर सामाजिक संरचना नहीं हो सकती है. उक्त बातें जिला शिक्षा पदाधिकारी उग्रेश प्रसाद मंडल ने बुधवार को स्थानीय टीपी कॉलेजिएट उच्च विद्यालय मधेपुरा में छात्र, शिक्षक, अभिभावक संगोष्ठी में कही. संगोष्ठी को संबोधित […]

संगोष्ठी को संबोधित करते हुये डीपीओ नारद द्विवेदी ने शैक्षणिक माहौल की तार्किक विवेचना की और उपस्थिति अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अगर छात्र सात दिनों तक लगातार विद्यालय नहीं आते हैं, तो उनके नाम काट दिये जायेंगे और फिर ऐसी स्थिति में बच्चों को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा.
मौके पर उपस्थित विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक तारणी प्रसाद यादव ने कहा कि अभिभावकों द्वारा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय नहीं भेजना खेदजनक है. संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये विद्यालय के प्रधानाचार्य डा सुरेश कुमार ने कहा कि विद्यालय में प्रत्येक दिन सात घंटी की पढ़ाई होती है और बराबर अभिभावकों की बैठक भी बुलाई है.
बावजूद, अभिभावक व छात्र पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं हो रहे हैं. मौके पर किशोर राम, अमोद कुमार, रवींद्र यादव ने बातें रखी. संगीत शिक्षक उमेश राम के नेतृत्व में स्कूली छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया. संगोष्ठी का संचालन शिक्षक सुभाष चंद्र यादव तथा धन्यवाद ज्ञापन का कार्य दीपक कुमार ने किया.