बिजली विभाग ने काटी नगर परिषद की बिजली
मधेपुरा : बिजली विभाग ने करोड़ों रुपये बिजली बिल बकाया रहने पर बुधवार को नगर परिषद मधेपुरा का विद्युत कनेक्शन काट दिया है. इस बाबत विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि नगर परिषद को लंबे समय से बिल देने के लिए स्मारित किया जा रहा था, लेकिन नप प्रशासन इस दिशा […]
मधेपुरा : बिजली विभाग ने करोड़ों रुपये बिजली बिल बकाया रहने पर बुधवार को नगर परिषद मधेपुरा का विद्युत कनेक्शन काट दिया है. इस बाबत विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि नगर परिषद को लंबे समय से बिल देने के लिए स्मारित किया जा रहा था, लेकिन नप प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह उदासीन बना हुआ था.
लिहाजा विभागीय नियमानुसार विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गयी है. गौरतलब है कि बिजली विभाग द्वारा राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम मो सोहैल द्वारा कड़ा निर्देश जारी किया गया है. इसके बाद सरकारी विभाग समेत सभी जगह बिल वसूली पर फोकस कर कार्य किया जा रहा है.
बिजली आपूर्ति को ले उपभोक्ताओं में आक्रोश
कुमारखंड. राज्य सरकार का ग्रामीण क्षेत्र 20 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा विफल साबित हो रहा है. उपभोक्ताओं को छह घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है. विद्युत विभाग के उदासीन रवैये के कारण महीनों से प्रखंड में बिजली की हालत बदतर है. इस संबंध में विभाग के पास ऊपर से पावर नहीं मिलने आसान बहाना है, तो दूसरा संचरण लाइन में गड़बड़ी का. वहीं दूसरी ओर प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र जदिया (सुपौल) में 20 के बदले 22 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है.
रामनगर बाजार निवासी जाप उपाध्यक्ष अशोक झा ने कहा कि ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के गृह जिला सुपौल होने के नाते वहां 22 घंटे बिजली रहती है. वहीं मधेपुरा जिलावासियों को छह घंटे से अधिक भी बिजली नहीं मिल रही है. इधर, जेइ अमरनाथ गुप्ता ने बताया पावर की कमी के साथ-साथ संचरण लाइन की गड़बड़ी के कारण दिक्कत हो रही है. वहीं राजद अध्यक्ष अरूण कुमार ने कहा कि बिजली अनियमितता के लिए ऊर्जा मंत्री जिम्मेवार हैं.
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा पर भी बिजली विभाग का लाखों रुपया बकाया है. लगभग यही हालत शिक्षा विभाग की भी है. कार्यपालक अभियंता अमित कुमार द्वारा विश्वविद्यालय व शिक्षा विभाग को तीन दिन का अल्टीमेटम जारी कर दिया गया है. वहीं बड़े बकायेदारों में पीएचइडी, नलकूप विभाग भी शामिल है. इन्हें भी बिल भेज कर अविलंब जमा करने कहा गया है. इस बाबत सहायक अभियंता राहुल कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज निर्माण कर रही कंपनी एलएंडटी द्वारा निर्धारित तिथि बुधवार तक बिल जमा नहीं कराया गया है. अगर गुरुवार को कार्यालय समय में बिल जमा नहीं होगा तो उनका भी विद्युत विच्छेदन कर दिया जायेगा. वहीं नगर परिषद के कार्यालय के बाद शहर में लगे हाइमास्क लैंप का भी विद्युत विच्छेदन किया जायेगा.
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