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परीक्षा समिति की आपात बैठक में लिया गया निर्णय अगले पत्रों की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे छात्र
मधेपुरा : भूपेंद्र नारायण मंडल विवि में रविवार को परीक्षा समिति की आपात बैठक बुलायी गयी. कुलपति प्रो (डा) अवध किशोर राय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को रमेश झा महिला कॉलेज, सहरसा परीक्षा केंद्र से जबरन उत्तर पुस्तिका लेकर भागे 16 में 14 छात्रों के माफीनामे पर विचार किया जाय.
इसके उपरांत निर्णय लिया गया कि संयुक्त माफीनामे के साथ कुलपति को उत्तर पुस्तिका जमा कराने वाले विद्यार्थी अगले पत्रों की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. बैठक में केन्द्राधीक्षक एवं पर्यवेक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन और संबंधित परीक्षार्थियों द्वारा समर्पित माफीनामा के सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया.
तदुपरान्त सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिन परीक्षार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिका विश्वविद्यालय कार्यालय में जमा किया है, 14 परीक्षार्थियों को औपबंधिक रूप से अगले पत्रों की परीक्षा में सम्मलित होने की अनुमति दी जाती है. बैठक में मुख्य रूप से प्रतिकुलपति प्रो डा फारूक अली, विज्ञान संकायाध्यक्ष, डा रंजीत मिश्रा, वाणिज्य संकायाध्यक्ष डा एसएन विश्वास, सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डा शिवमुनि यादव, मानविकी संकायाध्यक्ष डा ज्ञानन्जय द्विवेदी एवं शिक्षा संकायाध्यक्ष डा राणा जयराम सिंह उपस्थित थे.
शाम में की गलती, सुबह में मांगी माफी. ज्ञात हो कि 25 अगस्त को द्वितीय पाली में बीसीए चतुर्थ समेस्टर, 2016 के 16 परीक्षार्थी आऱ झा महिला कॉलेज, सहरसा के परीक्षा केन्द्र से शाम के साढ़े चार बजे उत्तर पुस्तिका लेकर बलपूर्वक परीक्षा केन्द्र से बाहर निकल गये. वे लोग करीब पांच बजे उत्तर पुस्तिका के साथ विवि परिसर स्थित कुलपति कार्यालय पहुंचे. इस दौरान कुल 14 परीक्षार्थियों ने कुलपति को संयुक्त आवेदन के साथ अपनी-अपनी उत्तर पुस्तिका समिर्पित किया.
दूसरे दिन 26.08.2017 सभी परीक्षार्थियों ने पुन: कुलपति को एक संयुक्त आवेदन देकर उक्त घटना को अपनी भूल स्वीकार करते हुए क्षमायाचना की. उर्पुक्त संदर्भ में केन्द्राधीक्षक से मंगायी गयी रिपोर्ट एवं परीक्षार्थियों द्वारा समिर्पित आवेदन उत्तर पुस्तिका के साथ परीक्षा समिति के सदस्यों के बीच अवलोकनार्थ प्रस्तुत किया गया. क्षमायाचना समर्पित करने वाले परीक्षार्थियों का क्रमांक इस प्रकार हैं- 7635, 7637, 7642, 7644, 7652, 7653, 7658, 7661, 7662, 7670, 7671, 7673, 7675 एवं 7677. केन्द्राधीक्षक के प्रतिवेदनानुसार कुल 16 परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका लेकर निकले थे. उनमें से 14 ने ही विश्वविद्यालय में अपनी उत्तर पुस्तिका जमा की. शेष दो परीक्षार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिका विश्वविद्यालय कार्यालय या परीक्षा केन्द्र पर जमा नहीं किया है.
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी मामले की जांच. इधर, परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षमायाचना समर्पित कर माफी नहीं मांगने वाले दोनों परीक्षार्थियों पर परीक्षा परिनियमानुसार कार्रवाई की जाय. इन दोनों परीक्षार्थी के क्रमांक क्रमश: 7648 एवं 7655 बताये गये है.
इसके अलावे निर्णय लिया गया कि केन्द्रधीक्षक को यह सख्त हिदायत दी जाय कि कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र के अन्दर कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ प्रवेश न करे. यह भी निर्णय लिया गया कि उक्त पूरे प्रकरण की एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमिटी बनाकर जांय करवाई जाय. जांच कमेटी में विवि के पदाधिकारी व संकायाध्यक्ष को शामिल किया गया है. कुलपति प्रो डा अवध किशोर राय ने जांच कमिटी को 15 दिनों के अन्दर जांच-प्रतिवेदन समिर्पित करने का निर्देश दिया, ताकि उसे परीक्षा समिति की अगली बैठक में विचारार्थ उपस्थापित किया जा सके
