मधेपुरा : जिले में बाढ़ से आठ पंचायत पूर्ण रूप से प्रभावित है. वहीं 21 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित है. अब तक लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की फसल क्षति हुई है.एनएच 106 पर बना डायवर्सन पर तेज बहाव के कारण वाहनों का परिचालन बंद हो गया है.
जिले में आपदा विभाग के अनुसार आठ पंचायत पूर्ण रूप से बाढ़ प्रभावित है, जबकि आंशिक रूप से 21 पंचायत इसकी जद में है. 68 गांव के लगभग 70 हजार मनुष्य व 10 हजार पशु पर बाढ़ का कहर बरपा है. वहीं लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की फसल क्षति हुई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार पांच लोगों की मौत डूब कर हुई है, जबकि बुधवार को दो और लोग के डूबने से मौत होने के बाद यह संख्या सात हो गयी है. जिले में राहत कैंप की संख्या लगभग एक दर्जन है. वहीं अब तक साढ़े तीन सौ क्विंटल चूरा व 41 किलो गूड़ का वितरण सूखा राशन के तौर पर किया जा चुका है. इसके साथ 82 क्विंटल सत्तू लगभग 15 हजार दिया सलाई 220 पॉलिथीन सीडस का भी वितरण किया गया है. कुल 82 नावों का परिचालन किया जा रहा है.
आवागमन पर संकट : जिला मुख्यालय को उदाकिशुनगंज अनुमंडल समेत पूर्णिया से जोड़ने वाली लाइफ लाइन माने जाने वाली एनएच 106 पर बना डायवर्सन पर तेज बहाव की वजह से वाहनों का परिचालन बंद है. इस डायवर्सन को बचाने की कवायद जारी है. वहीं सुखासन पुल की भी स्थिति अच्छी नहीं है. कमोबेस यही हाल साहुगढ़ को मधेपुरा से जोड़ने वाली पुल का भी है, जबकि ग्वालपाड़ा प्रखंड के भलुआही में एनएच 106 पर तेज पानी के प्रवाह से रात तक एनएच कट जाने की आशंका की जा रही है. वही डीएम मो सोहैल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर तत्काल बाढ़ प्रभावित व ऐसे जगह जहां संपर्क पथ प्रभावित है. वहां के स्कूलों में छुट्टी देने का आदेश दिया है. उन्होंने डीइओ उग्रेश प्रसाद मंडल को निर्देशित किया कि सभी संबंधित बीइओ को इस बाबत पत्र जारी करने कहे.
