मधेपुरा (उदाकिशुनगंज), प्रतिनिधि : बिहार में मधेपुराकेउदाकिशुनगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित रामपुरखोड़ा पंचायत के अन्तर्गत उर्दू प्राथमिक विद्यालय मजहरपट्टी में सोमवार को अचानक बच्चों की नजर कमरे के अंदर विषैले सर्पों ऊपर पड़ी और चीख-पुकार मचाने लगे. चीखपुकार सुनकर विद्यालय के शिक्षक और आसपास के लोगों में दहशत फैल गया. कक्षा से बच्चे बदहवास होकर दहशत में गिरते पड़ते भागनेलगे. बच्चों के पीछे शिक्षक और शिक्षिकाएं भी भागनेलगे.इस दौरान कुछ बच्चों को चोट भी लगी.
बच्चोंकी चीखपुकार सुनकर आसपास के अभिभावक और ग्रामीण भी दौड़कर स्कूल पहुंच गए. बच्चे इतने डरे हुए थे कि कोई कुछ बताने की स्थिति में नहीं था. कुछ समय बाद शिक्षकों ने बताया कि स्कूल भवन में काफी संख्या में सांपों का झुंड निकल कर इधर-उधर चहलकदमी कर रहे है. ग्रामीणों ने सभी बच्चों को स्कूल परिसर से सुरक्षित बाहर निकालकर सांपों को ढूंढना शुरू कर दिया.
दर्जनों लोगों ने जैसे ही वर्ग कक्षा के अंदर झांककर देखा तो सभी की आंखे फटी ही रह गयी. लोगों ने देखा कि कक्षा के अंदर करीब एक दर्जन विषैले सर्पों का झुंड इधर-उधर घूम रहा है. ग्रामीणों ने जब सर्पों को भगाने का प्रयास किया तो उसके आक्रामक रूख को देखकर दंग रह गये. लोगों ने सांपों को भगाने का काफी प्रयास किया, लेकिन असफल रहे. अंत में ग्रामीणों ने सपेरा को बुलायाऔर उनकी मदद से लगभग एक दर्जन सर्पों को मारने में सफलहुए.
यह खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरफ फैल गयी.जिसके बाद आस-पास के गांव से भारी संख्या में लोगों की भीड़ स्कूल के पास जमा हो गयी. प्रधानाध्यापक मोहम्मद राशिद हसन ने बताया की स्कूल का भवन काफी पुराना है, शिक्षक मुजीबुर्रहमान सबीना खातून, अंजुमन खातून, कुमारी रीना भारती प्रखंड वार्ड सदस्य संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कमरुल होदा आदि ने बताया कि बच्चों द्वारा पूर्व में भी सांप को देखे जाने की शिकायतकीगयी थी, लेकिन कभी सांप दिखाई नहीं पड़ा था. अचानक एक दर्जन विषैलेसांपों को देखने के बाद बच्चे स्कूल भवन के अंदर जाने से भी कतराने लगे.
खबर लिखे जाने तक अन्य सांपों को भी ढूंढने का प्रयास जारी था. अभी भी सर्पों का कमरे से निकलना बंद नहीं हुआ था सपेरा ने बताया कि इसमें और भी जहरीले विषैलेसांपयहां मौजूद हैं. ग्रामीणों का कहना था कि जब तक स्कूल के कमरे सेसांपों का निकलना बंद नहीं हो जाता बच्चों का स्कूल आना खतरे से खाली नहीं है.
