लापरवाही. छात्रों के जीवन के साथ िखलवाड़
प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय भेलवा में चोखा बनाने के लिए आलू को पॉलीथिन में डाल कर खिचड़ी के साथ उबालने का मामला प्रकाश आया है, लेकिन एनएच अनजान बने हैं. चिकित्सक ने कहा कि लंबे समय तक इस प्रकार का भोजन करने से कैंसर हो सकता है.
गम्हरिया : वैसे तो एमडीएम में गड़बड़ी की शिकायत आये दिन आती रहती है, लेकिन यहां मामला थोड़ा अलग है. इस विद्यालय में खिचड़ी में चावल के साथ पॉलीथिन भी पकायी जाती है. सरकार व पर्यावरणविद् पॉलीथिन के प्रयोग कम करने व पाबंदी लगाने को लेकर अभियान चलाते रहते हैं.
वहीं गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय भेलवा में उसी पॉलीथिन को खिचड़ी में डाल कर पकाया जाता है. प्रधानाध्यापक को इस बात से कोई मतलब नहीं कि इस पॉलीथिन को खिचड़ी में गरम करने पर वह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, जबकि चिकित्सकों के अनुसार अगर इस तरह के भोजन को लगातार किया जाये, तो बड़ी आंत का कैंसर होना तय है.
शनिवार को प्रभात खबर टीम ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय भेलवा की पड़ताल की. टीम जब रसोई में पहुंची तो भौंचक रह गयी. बच्चों के लिए जो एमडीएम बनाया जा रहा था ,उसमें पॉलीथिन भी उबल रहा था. पूछने पर बताया गया कि इस पॉलीथिन में आलू डाला गया है, ताकि आलू भी उबल जाये और उसमें खिचड़ी भी न लगे. खिचड़ी में आलू डाल कर उबालना तो आम बात है, लेकिन प्लास्टिक में डाल कर उबालने का कारनामा हैरतअंगेज था.
हद तो तब हो गयी जब प्रधानाध्यापक ने बताया कि रसोइया ने ऐसा कर दिया होगा, वह रसोई की ओर कम ही जाया करते हैं.
खाना बनाने का काम रसोइया का है. रसोई की तरफ बहुत ही कम जाते हैं इसलिये पता नहीं चला कि खिचड़ी में पॉलीथिन डाला गया है. रसोइया को ऐसा नहीं करने कहा जायेगा.
जय कुमार, प्रधानाध्यापक, उच्च विद्यालय भेलवा, गम्हरिया
इस मामले की जांच की जायेगी. मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी पाये जाने पर रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को सौंपी जायेगी.
उमेश तिवारी, बीइओ, गम्हरिया
