मैट्रिक परीक्षा . संतोषजनक नहीं रहा जिले का परिणाम, छात्रों का प्रदर्शन बेहतर
जिले का मैट्रिक रिजल्ट इस बार संतोषजनक नहीं रहा. हालांकि छात्रों का परिणाम छात्राओं की अपेक्षा बेहतर रहा. परिणाम देखने के िलए परीक्षार्थियों की भीड़ कैफे में उमड़ी पड़ी.
मधेपुरा : मैट्रिक परीक्षा परिणाम को लेकर गुरुवार सुबह से ही छात्र-छात्राओं में उत्सुकता थी. हालांकि इंटर की तरह ही मैट्रिक के परीक्षा परिणाम से मधेपुरा के छात्राओं को निराशा हाथ लगी है. मैट्रिक परीक्षा परिणाम में छात्राओं का रिजल्ट कमजोर रहा. जिले में मैट्रिक रिजल्ट को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है, लेकिन छात्रों का परिणाम छात्राओं की अपेक्षा बेहतर रहा. शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मैट्रिक परीक्षा में जिले से 15 हजार 221 छात्राएं शामिल हुई थी. जिसमें से 10 हजार 160 फेल हो गयी है. वहीं 5061 छात्राएं ही विभिन्न श्रेणियों से परीक्षा में उत्तीर्णता हासिल की है, जबकि जिले में 66.74 प्रतिशत छात्राएं फेल हो गयी.
छात्रों ने मारी बाजी :
मैट्रिक परीक्षा परिणाम में छात्राओं से करीब 22 प्रतिशत अधिक छात्रों ने उत्तीर्णता हासिल की है. इसमें 33 प्रतिशत छात्रा व 55 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा पास किया है. परिणाम आने के बाद आधे से अधिक छात्रों के चेहरे में मायूसी छायी हुयी थी. वहीं छात्रा नंदनी कुमारी, शिवानी कुमारी, कुंदन कुमार व रंजीत कुमार ने कहा कि रिजल्ट बेहतर नहीं रहा. इससे छात्र-छात्राओं में निराशा देखी जा रही है. छात्रों का कहना था कि बार टाइट परीक्षा हुआ था इसके बावजूद सवालों का जवाब दिया गया. लेकिन अंक काफी कम मिला है.
कैफे में जुटी भीड़
रिजल्ट को लेकर जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न कैफे में छात्रों की भीड़ लगी हुयी थी. उधर, समिधा ग्रुप कौशल विकास केंद्र पर निःशुल्क मैट्रिक का रिजल्ट दिखलाया गया और प्रिंट आउट भी दिया गया. इससे छात्रों में खुशी देखी गयी. हालांकि खराब परीक्षा परिणाम देख छात्रों ने नाराजगी व्यक्त की. परिणाम देखने के साथ ही कई छात्रों ने कहा कि सभी सवालों का जबाव दिया फिर भी उन्हें फेल कर दिया गया है. वहां से परिणाम देखकर निकले सुरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सभी सवालों का जबाव दिया था. लेकिन उन्हें फेल दिखाया जा रहा है. जबकि उन्हें प्रथम स्थान की उम्मीद थी. जैसे जैसे छात्रों को फेल होने की जानकारी मिलते गयी कैफे से छात्रों का भीड़ छटंता चले गया. मालूम हो कि इस बार परीक्षा परिणाम में काफी छात्र-छात्राओं को निराशा हाथ लगी है. इसका मुख्य कारण माना जा रहा है. कि परीक्षा में चोरी का रुकना. इस बार परीक्षा में काफी सख्ती बरती गयी थी.
प्रोफेसर कॉलोनी वार्ड नंबर पांच निवासी शिक्षक अजय रजक व शिक्षिका मीनू कुमारी की पुत्री अन्नू कुमारी ने 88 प्रतिशत अंक के साथ मैट्रिक की परीक्षा में उत्तीर्णता हासिल की है.
नीरज को मिला 82 प्रतिशत अंक
कृष्णानंद स्वर्णकार के पुत्र गुड्डू कुमार ने 80 प्रतिशत अंक के साथ मैट्रिक परीक्षा में उत्तीर्णता हासिल की है. इससे गम्हरिया बाजार में हर्ष का माहौल व्याप्त है.
पुरैनी प्रखंड स्थित वासुदेव प्लस टू विद्यालय के छात्र नीरज कुमार ने 82 प्रतिशत अंक के साथ मैट्रिक परीक्षा पास की है. नीरज की सफलता पर उसके गांव वंशगोपाल पंचायत के चटनमा में हर्ष का माहौल है.
