मनमानी. डायन कह कर बंधक बनाये महिलाओं को बचाने गयी पुलिस पर हमला
थाना क्षेत्र के दुर्गापुर के सरपंच के एक वर्षीय पुत्र की मौत के बाद परिजन व ग्रामीणों ने गांव की ही दो विधवा महिलाओं को डायन बता बंधक बना लिया. मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा.
पुरैनी : थाना क्षेत्र के दुर्गापुर के सरपंच चितरंजन ठाकुर के एक वर्षीय पुत्र की मौत के बाद परिजन व ग्रामीणों ने गांव की ही दो विधवा महिलाओं को कथित तौर पर डायन बता कर बंधक बना लिया और बच्चे को जिंदा करने की जिद पर अड़ गये. सूचना के उपरांत पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर बंधक बने महिला को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन व ग्रामीण पर इस कदर हावी था कि वे मारपीट कर रहे महिला को छुड़ाने गयी पुलिस से हाथापाई करने लगे. पुलिस ने दो महिला में से एक महिला को परिजन व ग्रामीणों के चंगुल से थाना लायी. थानाध्यक्ष के सूचना पर चार थानों की पुलिस दुर्गापुर पहुंची.
ग्रामीणों ने कहा उक्त दोनों महिला मिलकर बच्चे को पुनः जीवित करें. शुक्रवार की संध्या बेला से देर रात्रि तक चले अंधविश्वास से लबरेज इस हाइवोलटेज ड्रामा के आगे प्रशासन मूकदर्शक बनी रही और लगातार समझाने का प्रयास किया गया अंततः बंधक एक और महिला को बिना छुड़ाये लौट गयी. वही परिजन का आक्रोश भी रात ढलने के साथ ही ढल गयी. शनिवार की सुबह बच्चे को परिजन ने दफना दिया. शनिवार को जानकारी के अनुसार ग्रामीण ने बंधक बनाये महिला को भी छोड़ दिया.
महिलाओं के साथ मारपीट
गौरतलब है कि दुर्गापुर ग्राम कचहरी के वर्तमान सरपंच चितरंजन ठाकुर के एक वर्षीय पुत्र का आकस्मिक मौत हो गया. परिजनों का कहना था कि वे महिलाएं उस दिन उसके घर पर आयी और उनके जाने के बाद बच्चे की मृत्यु हो गयी. घटना शुक्रवार के दोपहर की ही है. ग्रामीण ने दोनों महिला को अंधविश्वासी आरोप लगाकर व डायन बताकर दोनों को पकड़कर घर लाये और बच्चे को जिंदा करने को कहा.
