सकरी/पंडौल : मधेपुरा गांव में आठ दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया गया है. कथा वाचक वृन्दावन से आए जगद्गुरु राधाबल्लभ व्यास जी ने भागवत कथा के पांचवें दिन उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को कथा के माध्यम से भावविभोर कर दिया.
उन्होंने भागवत कथा श्रवण को संसार का सर्वश्रेष्ठ कार्य बताया. श्रृष्टि में केवल मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जो सोचने समझने की शक्ति रखता है. यही मनुष्य बुराई के रास्ते चल कर बुरा बन जाता है, और यही मनुष्य जब अच्छाई व सत्य के मार्ग पर चलता है तो मोक्ष की प्राप्ति करता है. मनुष्य के तृष्णा की पूर्ति असंभव है, क्योंकि हवन कुंड में जब घी प्रवाहित की जाती है तो और अत्यधिक आग उत्पन्न होता है. मनुष्य को अपने सामर्थ के अनुसार ही जीवन गुजारना चाहिए.
व्यास जी ने दान को सबसे बड़ा पुण्य बताते हुए कहा कि भागवत कथा श्रवण का दान करना समस्त विश्व का सबसे बड़ा दान माना जाता है. उन्होंने कहा कि भागवत् कथा श्रवण करने से मृत्यु भी नजदीक नहीं आती. ऐसे व्यक्ति स्वयं की इच्छा से मृत्यु को प्राप्त करते हैं. भागवत कथा के माध्यम से हम प्रभु का सानिध्य व स्नेह आसानी से प्राप्त कर लेते हैं. इस भागवत कथा का समापन गुरुवार को होगा. इस आयोजन से समस्त क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है. कथा का आयोजन राधेश्याम राय ने की.
