पीरीबाजार (लखीसराय) से रविराज आनंद की रिपोर्ट
Yoga Day : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीरीबाजार के गाढ़ी महेशपुर स्कूल में बच्चों ने सिर्फ योगासन ही नहीं सीखे, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का संदेश भी आत्मसात किया. ताड़ासन, वृक्षासन, प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे योगाभ्यास के जरिए विद्यार्थियों ने जाना कि योग कैसे शरीर को निरोग और मन को एकाग्र बनाता है. शिक्षकों ने बच्चों को नियमित योग की प्रेरणा दी, जिससे पूरा विद्यालय स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के रंग में रंग गया.
प्रार्थना से शुरू हुआ योग का सफर
योग शिविर की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना के साथ हुई. इसके बाद बच्चों ने ताड़ासन, वृक्षासन, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम सहित कई महत्वपूर्ण योगासन किए. विद्यालय परिसर में बच्चों का उत्साह देखने लायक था. योगाभ्यास के दौरान उन्हें सही तकनीक और उसके लाभों की भी जानकारी दी गई.
बच्चों को बताया गया योग का महत्व
प्रधानाध्यापिका शारदा सुमन ने योग प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला है. उन्होंने कहा कि नियमित योग से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और शारीरिक विकास बेहतर होता है. पढ़ाई के साथ-साथ योग भी बच्चों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए.
विद्यालय में दिखा स्वास्थ्य और अनुशासन का संगम
योग दिवस कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे अनुशासन के साथ योगाभ्यास किया. शिक्षकों ने उन्हें बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग स्वास्थ्य बनाए रखने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है. कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने प्रतिदिन योग करने और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया.
शिक्षकों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में शिक्षिका आभा कुमारी, ममता कुमारी, निशा सिन्हा, निधि कुमारी, वेणु व्यास तथा शिक्षक मुकेश कुमार और प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. सभी ने योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया.
