सदर प्रखंड की कई पंचायतों में योजनाओं का काम महज 1-2 प्रतिशत पूरा हुआ है, फिर भी आधी-अधूरी राशि की निकासी कर ली गई है.भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले लोग दबाए जा रहे हैं, और जनप्रतिनिधि उनकी आवाज़ दबाने में लगे हैं. गढ़ी बिशनपुर पंचायत में गली-नाली और नाला निर्माण जैसी योजनाओं में फंड का बंदरबांट हो रहा है, जबकि धरातल पर काम न के बराबर है.
लखीसराय.
सदर प्रखंड की 329 योजनाओं में से केवल 24 ही पूरी हो पाई हैं। चापाकल मरम्मत के तहत 5104 कार्यों में से केवल 32 कार्य पूरे हुए हैं. गढ़ी बिशनपुर पंचायत के मुखिया को योजनाओं की जानकारी नहीं है और स्थानीय लोगों के अनुसार, योजनाओं का संचालन उनके पति मनोज कुमार कर रहे हैं. जांच में भी मुखिया योजना संबंधी जानकारी देने में असमर्थ पाई गईं.ग्राम पोर्टल पर योजनाएं अपलोड होने के बावजूद जमीन पर काम नहीं हो रहा है. मुखिया की लापरवाही से पिछले छह माह से आम सभा नहीं हुई है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है.
नगर परिषद अधिनियम के तहत बैठक न करने वाले जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई होती है, लेकिन आम सभा न करने वाले मुखिया को पदच्युत करने को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है.योजनाएं स्वीकृत होने के बाद भी प्राक्कलन के अनुसार काम पूरा किए बिना ही राशि निकासी हो रही है. उदाहरण के लिए 100 फीट सड़क या नाली के लिए राशि निकाली जाती है, जबकि केवल 50 फीट काम किया जाता है.
मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार का कहना है कि कार्य पूरा किया जाता है और जल्द आम सभा बुलायी जाएगी. पंचायत राज पदाधिकारी पम्मी रानी ने भी कहा कि पोर्टल पर योजनाओं की स्थिति को लेकर कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं, शिकायत मिलने पर जांच और कार्रवाई की जाती है.यह स्थिति विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करती है.
