गाढ़ाशीला टीकाकरण नहीं हुआ शत-प्रतिशत, रोका वेतन
कर्मी के वेतन रुकने से काफी परेशान हैं. महासंध ने शीघ्र वेतन भुगतान की मांग किये
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सूर्यगढ़ा में कार्यरत एएनएम, एएनएम (आर), सीएचओ, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों के वेतन और मानदेय भुगतान पर रोक लगाये जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है
सूर्यगढ़ा.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सूर्यगढ़ा में कार्यरत एएनएम, एएनएम (आर), सीएचओ, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों के वेतन और मानदेय भुगतान पर रोक लगाये जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (सेवांजलि) ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र भेजकर अविलंब भुगतान कराने की मांग की है. महासंघ के महामंत्री विकास कुमार ने अपने पत्र में कहा है कि जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, लखीसराय के आदेश के तहत गाढ़ाशीला टीकाकरण कार्य की शत-प्रतिशत पूर्ति नहीं होने के कारण सीएचसी सूर्यगढ़ा के कर्मियों एवं आशा कार्यकर्ताओं का वेतन-मानदेय स्थगित कर दिया गया है. संगठन का कहना है कि यह जानकारी मिली है कि मौखिक आदेश के आधार पर यह कार्रवाई की गई है, जबकि किसी भी कर्मचारी या आशा कार्यकर्ता को व्यक्तिगत रूप से कारण बताने या स्पष्टीकरण देने का अवसर नहीं दिया गया. पत्र में कहा गया है कि यदि किसी पदाधिकारी को किसी कर्मचारी के कार्य से शिकायत है तो संबंधित व्यक्ति के मामले की समीक्षा कर निर्णय लिया जाना चाहिए था, लेकिन सभी मामलों में एक जैसा निर्णय पारित कर भुगतान रोक दिया गया. महासंघ ने सवाल उठाया है कि जिन पदाधिकारियों को वेतन मिल रहा है, उनके अधीनस्थ कर्मियों का भुगतान किस आधार पर रोका गया है. महासंघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जनवरी 2026 से आशा कार्यकर्ताओं का प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी नहीं किया गया है. महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि जिले के केवल सूर्यगढ़ा प्रखंड समेत कुछ संस्थानों में ही निर्धारित वेतन-मानदेय का भुगतान रोका गया है, जबकि अन्य स्थानों पर भुगतान जारी है. इससे कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है. महासंघ ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा में कार्यरत एएनएम, एएनएम (आर), सीएचओ, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों के लंबित वेतन, मानदेय और प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है. पत्र की प्रतिलिपि सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, लखीसराय को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गयी है.