पीरीबाजार. स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत इंटरनेशनल कॉलेज घोसैठ में सोमवार को छात्र-छात्राओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि मुंगेर विश्वविद्यालय प्रशासन की अदूरदर्शिता और बिना तैयारी के लिये गये एक फैसले ने हजारों छात्रों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. विश्वविद्यालय द्वारा पुराने डिजिटल पोर्टल को बंद कर अचानक शुरू किये गये नये ‘ यूएमआईएस ’ (यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल के कारण छात्रों में हाहाकार मचा हुआ है. तकनीकी खामियों और डेटा मिसमैनेजमेंट के चलते विभिन्न महाविद्यालयों में आये दिन आक्रोशित छात्रों द्वारा भारी हंगामा और प्रदर्शन किया जा रहा है. विश्वविद्यालय ने नया पोर्टल तो लाइव कर दिया, लेकिन पुराने पोर्टल पर मौजूद छात्रों का पुराना शैक्षणिक रिकॉर्ड और डेटा नये सिस्टम पर माइग्रेट (स्थानांतरित) करना भूल गया. नतीजा यह है कि नये पोर्टल पर छात्रों का पिछला विवरण ””नो रिकॉर्ड फाउंड”” दिखा रहा है. ब इस तकनीकी लापरवाही को सुधारने के लिए कॉलेजों को ””मैन्युअल”” रास्ता अपनाना पड़ रहा है. छात्रों को अपनी पुरानी भुगतान स्लिप और दस्तावेज लेकर घंटों लाइनों में लगना पड़ रहा है, जिसे कॉलेज कर्मी मैन्युअल रूप से नये पोर्टल पर अपडेट कर रहे हैं. इस कछुआ गति से चल रही प्रक्रिया के बाद ही परीक्षा फॉर्म का सत्यापन (वेरिफिकेशन) संभव हो पा रहा है. वहीं ऊमस भरी गर्मी में छात्र-छात्रा को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. वहीं छात्र-छात्रा लगातार इसमें सुधार करने की मांग कर रहे हैं ताकि बिना किसी समस्या के वेरिफिकेशन हो सके.
पोर्टल के फेर में फंसा छात्रों का भविष्य
कॉलेजों में रोज हंगामा
