भव्या पोर्टल पर प्रविष्टि नहीं करने पर चार चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण
10 फरवरी से फाइलेरिया कार्यक्रम अंतर्गत सर्वजन दवा सेवन अभियान होगा प्रारंभ
लखीसराय. समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में मंगलवार को जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने और ”हेल्थ प्रोफेशनल रिपोर्ट” तैयार करने में विलंब को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने सभी प्रखंड मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायकों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनका वेतन अगले आदेश तक अवरुद्ध करने का निर्देश दिया.
सूर्यगढ़ा के चार डॉक्टरों से मांगा स्पष्टीकरण
समीक्षा के क्रम में डीएम ने पाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सूर्यगढ़ा में पदस्थापित चार चिकित्सा पदाधिकारियों ने ड्यूटी तो की, लेकिन ”भव्या पोर्टल” पर उसकी प्रविष्टि नहीं की. इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल पोर्टल पर डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान
बैठक के दौरान डीएम ने बताया कि 10 फरवरी से जिले में ”सर्वजन दवा सेवन” (एमडीए) अभियान शुरू होगा. 14 दिनों के अभियान में आशा घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी. अभियान के बाद तीन दिनों तक सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों को दवा दी जाएगी. बताया गया कि दो वर्ष से कम के बच्चे, गर्भवती महिलाएं व गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं खिलायी जानी है. डीएम ने छह फरवरी तक सभी प्रखंडों व नगर परिषद क्षेत्रों में वार्ड सदस्यों के साथ समन्वय बैठक पूरी करने का निर्देश दिया.
विभिन्न स्वास्थ्य मानकों की गहन समीक्षा
मासिक समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मातृ-शिशु मृत्यु दर, प्रतिरक्षण, परिवार नियोजन, सिजेरियन प्रसव, एसएनसीयू, और पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थिति जानी. इसके अलावा नीति आयोग के इंडिकेटर्स, एनीमिया मुक्त भारत, और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी बिंदुवार समीक्षा की गयी. डीएम ने निर्देश दिया कि जिन मानकों में प्रदर्शन खराब है, वहां तत्काल सुधार लाया जाए. बैठक में सिविल सर्जन डॉ जयप्रकाश सिंह, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीपीओ, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक और जीविका व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे.
