सावन माह की तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र सहित पूरे प्रखंड के शिव मंदिरों में भोले के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. अहले सुबह से ही शिवभक्तों ने शिवालयों में पहुंचकर शिवलिंग पर दूध, फल-फूल, धतूरा, बेलपत्र, घी, दही और पवित्र जल से अभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की. इस अवसर पर प्रखंड के सभी प्रमुख शिव मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया था. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और हर-हर महादेव के जयकारों से समूचा इलाका शिवभक्ति में डूबा नजर आया.
ऐतिहासिक गौरी शंकर धाम में लगा श्रद्धालुओं का तांता
सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र में स्थित रामायणकालीन ऐतिहासिक महत्व वाले प्रसिद्ध गौरी शंकर धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर भक्तों का भारी उत्साह देखने को मिला. अल सुबह से ही मंदिर में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गईं. श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ बाबा भोलेनाथ की पूजा की. हर-हर महादेव और 'जय-जय भोले' के गगनभेदी उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर दिन भर गुंजायमान रहा.
नगर परिषद और प्रशासन ने की चाक-चौबंद व्यवस्था
गौरी शंकर धाम में उमड़ने वाली अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था. जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद सूर्यगढ़ा द्वारा लगातार दूसरे वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे. शिवभक्तों को कतारबद्ध तरीके से गर्भगृह तक पहुंचाने और पूजा-अर्चना में किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए मंदिर परिसर में टेंट लगाए गए और बांस की मजबूत बैरिकेडिंग की गई. इसके अलावा, सुरक्षा के दृष्टिकोण से मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी.
प्रखंड के अन्य शिवालयों में भी दिखा भक्ति का उल्लास
गौरी शंकर धाम के अतिरिक्त सूर्यगढ़ा प्रखंड के अन्य शिवालयों में भी आस्था का ऐसा ही नजारा देखने को मिला. सूर्यगढ़ा बाजार स्थित भू-कैलाश मंदिर, शहीद स्मृति चौक के समीप शिव महावीर मंदिर, शिव दुर्गा महावीर मंदिर, साकेत धाम ठाकुरबाड़ी और नंदपुर गांव स्थित बूढ़ानाथ मंदिर सहित सभी प्रमुख शिवालयों में दिन भर शिवभक्तों की आवाजाही लगी रही. बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने सावन की सोमवारी का व्रत रखा और सुख-समृद्धि की कामना की. बाबा भोले शंकर की आराधना में लीन सूर्यगढ़ा का कोना-कोना पूरी तरह से शिवमय नजर आया.
