रक्तवीर सुमित ने 50वां रक्तदान किया, बढ़ाया मानवता का मान
रक्तदान को महादान कहा जाता है, लेकिन बहुत कम लोग इसे नियमित रूप से निभा पाते हैं. लखीसराय के रक्तवीर सुमित कुमार ने 50वीं बार रक्तदान कर न केवल जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने का संदेश दिया, बल्कि समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत किया
लखीसराय में जयमंगला वाहिनी परिवार और मां बाला त्रिपुर सुंदरी रक्तदान समूह बड़हिया के माध्यम से रक्तदान अभियान के तहत रक्तवीर सुमित कुमार ने अपने जीवन का 50वां रक्तदान किया. इस अवसर पर अभिजीत रंजन सिंह ने 19वां, सोनू कुमार ने 20वां तथा रौशन भट्ट ने 12वां रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया.
लखीसराय.
अपने 50वें रक्तदान के अवसर पर सुमित कुमार ने कहा कि रक्तदान से मिलने वाला आत्मसंतोष शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में मदद मिलती है और इससे स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ भी मिलते हैं. उन्होंने युवाओं से आगे आकर रक्तदान करने की अपील की.रक्तदान के दौरान अंशु कुमारी ने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है. किसी भी आपात स्थिति में मरीज के लिए रक्त ही सबसे बड़ा सहारा बनता है. इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए.अभिजीत रंजन सिंह ने बताया कि लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना संगठन का मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि जयमंगला वाहिनी परिवार अब तक 5145 से अधिक रक्तदान का माध्यम बन चुका है, जो समाज सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है.रक्तवीर रौशन भट्ट और सोनू कुमार ने कहा कि दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव और गंभीर बीमारियों के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ती है. ऐसे में लोगों को स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अपने मित्रों और रिश्तेदारों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए.मां बाला त्रिपुर सुंदरी रक्तदान समूह बड़हिया के संयोजक रौशन कुमार ने कहा कि रक्तदान हमेशा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक या रक्त केंद्र में ही करना चाहिए. मौके पर साहिल प्रकाश, ब्लड बैंक कर्मी रूबी कुमारी समेत कई लोग उपस्थित थे.
मां बाला त्रिपुर सुंदरी रक्तदान समूह बड़हिया के संयोजक रौशन कुमार ने कहा कि रक्तदान हमेशा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक या रक्त केंद्र में ही करना चाहिए. मौके पर साहिल प्रकाश, ब्लड बैंक कर्मी रूबी कुमारी समेत कई लोग उपस्थित थे.