स्वच्छता अपनाकर, मच्छरदानी लगाकर रहें डेंगू से सुरक्षित

स्वच्छता अपनाकर, मच्छरदानी लगाकर रहें डेंगू से सुरक्षित

घरों के आसपास स्वच्छता का रखें विशेष ख्याल

स्थिर साफ पानी में पनपता है एडीस मच्छर इसलिए कहीं भी नहीं होने दें जलजमाव

लखीसराय. डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं, जिसके लिए हम सभी को सतर्क व सावधान रहने की आवश्यकता है. सावधानी बरतकर, हम अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखकर व नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करके डेंगू व चिकनगुनिया के संक्रमण से खुद को बचा सकते हैं. मौसम में उतार-चढ़ाव, खासकर बरसात के मौसम में डेंगू व चिकनगुनिया का संक्रमण काफी बढ़ जाता है. ऐसे में सभी आयु वर्ग के लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद सचेत और सावधान रहने की आवश्यकता है. जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव के साथ-साथ हमें साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. इसके अलावा, डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाना जरूरी है.ताकि बीमारी की समय रहते पहचान हो सके और उचित इलाज मिल सके. इस बीमारी से बचाव के लिए जन जागरूकता भी जरूरी है.

संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होती है डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी :

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से ही होती है. आप दिन में भी सोते हैं तो अनिवार्य रूप से मच्छरदानी लगायें. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें. घर के सभी कमरों को साफ-सुथरा व हवादार बनाये रखें. इसके साथ ही अपने घरों के आसपास भी साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें. इसके लिए अपने पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों को भी जागरूक करें, ताकि इस बीमारी के दायरे से सामुदायिक स्तर पर सभी लोग दूर रह सकें. उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए रहन- सहन में बदलाव के साथ- साथ साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है. दरअसल, डेंगू व चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण बुखार से ही शुरू होते हैं. इसके कारण लोगों को बीमारी की पहचान करने में भी काफी परेशानी होती है, इसलिए तनिक भी बीमारी का लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराने के लिए नजदीकी अस्पताल जायें.

लक्षण दिखते ही तुरंत करायें इलाज, अस्पतालों में है समुचित इलाज की व्यवस्था

वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी शालिनी कुमारी ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया का लक्षण दिखते ही ऐसे मरीजों को तुरंत इसकी जांच करानी चाहिए. जांच रिपोर्ट के अनुसार ही इस बीमारी का इलाज करानी चाहिए, ताकि उन्हें बाद में बड़ी से बड़ी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े. समय पर इलाज भी संभव हो सके. उन्होंने बताया कि इन बीमारियों के बेहतर इलाज के लिए जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है. यह बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होता है, जो स्थिर साफ पानी में पनपता है. इसलिए घर सहित अपने आसपास में जलजमाव की स्थिति पैदा नहीं होने दें. जलजमाव होने पर उसे यथाशीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था कर हटायें और पानी जमा होने वाले जगहों पर केरोसिन तेल या कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करें.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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