लखीसराय से अजीत सिंह एवं देव कुमार की रिपोर्ट:
Somvati Mauni Amavasya: सोमवती मौनी अमावस्या के अवसर पर सोमवार को जिले भर में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला. सुहागिन महिलाओं ने पीपल एवं वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. महिलाओं ने वृक्षों में कच्चा धागा लपेटकर परिक्रमा की और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए.
धार्मिक स्थलों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शहर के विद्यापीठ चौक, थाना चौक, ब्लॉक परिसर, अष्टघाटी मोड़, समाहरणालय परिसर, दामोदरपुर, साबिकपुर, गढ़ी बिशनपुर, मोरमा, बड़हिया स्थित अशोकधाम, श्रृंगी ऋषि और जलपा स्थान समेत जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही महिलाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही. श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
20 वर्षों बाद बना विशेष संयोग
विद्वान पंडित आचार्य विद्यानंद पंडित ने बताया कि सोमवार के दिन मौनी अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग करीब 20 वर्षों बाद बना है. उन्होंने कहा कि इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए पूजा-पाठ से विशेष फल की प्राप्ति होती है.
देवघर के लिए भी रवाना हुए श्रद्धालु
मौनी अमावस्या के अवसर पर जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के लिए भी रवाना हुए. श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की.
