सावन माह की पहली सोमवारी के पावन अवसर पर लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड क्षेत्र के तमाम शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के भक्तों का तांता लगा रहा. तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर दूध, फल-फूल, धतूरा, बेलपत्र, दही और पवित्र गंगाजल से अभिषेक कर भगवान आशुतोष की विधिवत पूजा-अर्चना की. विशेष रूप से रामायण कालीन महत्व रखने वाले प्रसिद्ध गौरी शंकर धाम में भक्ति और आस्था का अलौकिक नजारा देखने को मिला.
गौरी शंकर धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
नगर परिषद सूर्यगढ़ा द्वारा लगातार दूसरे वर्ष गौरी शंकर धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है:
- टेंट और बैरिकेडिंग: श्रद्धालुओं को कतारबद्ध होकर सुलभ दर्शन कराने और धूप-बारिश से बचाने के लिए मंदिर परिसर में बड़ा टेंट और बांस की मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई है.
- सुरक्षा व्यवस्था: लखीसराय जिला प्रशासन के निर्देश पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.
क्षेत्र के इन प्रमुख शिवालयों में भी जुटी भीड़
गौरी शंकर धाम के अलावा सूर्यगढ़ा नगर परिषद और आसपास के ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में भी दिनभर शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही:
- सूर्यगढ़ा बाजार स्थित भू-कैलाश मंदिर
- शहीद स्मृति चौक के समीप शिव महावीर मंदिर
- शिव दुर्गा महावीर मंदिर
- साकेत धाम ठाकुरबारी
- नंदपुर गांव स्थित पौराणिक बूढ़ानाथ मंदिर
हर-हर महादेव के जयघोष और व्रतियों का उत्साह
पहली सोमवारी को लेकर हर उम्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया. महिलाओं और युवाओं ने मनोवांछित फल और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सोमवारी का व्रत रखा. भोर से ही "हर-हर महादेव" और "जय-जय भोले" के गूंजते जयकारों से पूरा सूर्यगढ़ा इलाका शिवमय हो उठा.
