लखीसराय. सदर प्रखंड के साबिकपुर गांव के बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा. सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुषों ने सदर प्रखंड कार्यालय के सामने मुख्य सड़क को जाम कर दिया. दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ जाम ढाई घंटे तक जारी रहा. इस दौरान सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया.
साबिकपुर और दामोदरपुर गांव जलमग्न
ग्रामीणों के अनुसार साबिकपुर और दामोदरपुर गांव पूरी तरह जलमग्न हैं. लोगों को छाती भर पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है. बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से राहत सामग्री, शुद्ध पेयजल और पशुचारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. लोगों का कहना है कि कई परिवार नदी का पानी पीने को विवश हैं.
पीड़ितों ने बताया कि राहत के नाम पर न तो सूखा राशन मिला है और न ही पका हुआ भोजन. बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है.
अधिकारियों के समझाने के बाद भी नहीं माने ग्रामीण
जाम की सूचना मिलने पर बीडीओ पल्लवी सागर और सीओ मणि भूषण कुमार मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया. सीओ ने बताया कि आरओ रोशन कुमार के नेतृत्व में गांव में राहत सामग्री का वितरण कराया जा रहा है. हालांकि आक्रोशित ग्रामीण अधिकारियों की बात मानने को तैयार नहीं हुए. इस दौरान लोगों ने सीओ के खिलाफ नारेबाजी भी की. थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया.
राहत वितरण में भेदभाव का लगाया आरोप
बाढ़ पीड़ितों ने राहत वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया. ग्रामीणों का कहना था कि राहत सामग्री चहेते जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करा दी जाती है, जिसके बाद जरूरतमंद गरीब परिवारों तक राहत नहीं पहुंचती. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संपन्न परिवारों को भी राहत सामग्री मिल रही है, जबकि वास्तविक जरूरतमंद परिवार मदद के इंतजार में हैं.
छत नहीं, धूप में दूसरे की छत पर बना रहे खाना
बाढ़ की स्थिति के बीच कई परिवारों के सामने रहने और खाना बनाने की भी समस्या खड़ी हो गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों के घरों में छत नहीं है, वे तेज धूप में दूसरे लोगों की छत पर खाना बनाने को मजबूर हैं. बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित पेयजल और भोजन की व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है.
ग्रामीणों के आपस में उलझने के बाद हटा जाम
करीब ढाई बजे जाम स्थल पर ही कुछ ग्रामीण आपस में उलझ गए. इस दौरान मुखिया को भी लोगों ने खरी-खोटी सुनायी. इसके बाद ग्रामीण धीरे-धीरे सड़क से हटने लगे और करीब ढाई घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका.
बोले एसडीओ, पॉलिटेक्निक कॉलेज में चल रहा सामुदायिक किचन
एसडीओ प्रभाकर कुमार ने बताया कि साबिकपुर के समीप सलोनाचक स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में सामुदायिक किचन संचालित किया जा रहा है. वहीं से राहत सामग्री का वितरण भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सोमवार को भी आरओ रोशन कुमार के नेतृत्व में टीम गांव पहुंचकर राहत सामग्री का वितरण कर रही है.
राहत व्यवस्था और जमीनी हालात के बीच बढ़ी नाराजगी
एक ओर प्रशासन की ओर से सामुदायिक किचन और राहत वितरण जारी होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ पीड़ित सड़क पर उतरकर राहत नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि जलमग्न गांवों में वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, पेयजल, पशुचारा और अन्य जरूरी राहत सामग्री समय पर पहुंचायी जाए.