हलसी (लखीसराय) . प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में हलसी प्रखंड के 55 ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागी चिकित्सकों को प्रमाण पत्र भी दिया गया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर संक्रामक एवं गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, निगरानी और उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाना था.
जिला प्रशिक्षण पदाधिकारी और प्रशिक्षक ने दी विस्तार से जानकारी
कार्यक्रम में जिला प्रशिक्षण पदाधिकारी अशोक भारती और प्रशिक्षक विकास कुमार ने ग्रामीण चिकित्सकों को आईडीएसपी और वीडीपी के बारे में विस्तार से जानकारी दी. प्रशिक्षकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे पहले मरीज ग्रामीण चिकित्सकों के पास ही पहुंचते हैं. ऐसे में बीमारी की प्रारंभिक पहचान में इनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. किसी क्षेत्र में संक्रामक रोग के लक्षण दिखने पर समय रहते सूचना मिलने से उसके प्रसार को रोका जा सकता है. प्रशिक्षण के दौरान चेचक, लकवा, गलाघोंटू, कुकुर खांसी सहित अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण, बचाव और निगरानी के तरीकों के बारे में बताया गया.
असामान्य लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की सूचना स्वास्थ्य केंद्र को दें
असामान्य लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की सूचना तत्काल संबंधित स्वास्थ्य केंद्र को दें, ताकि समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया जा सके. मौके पर मौजूद ग्रामीण चिकित्सकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि इससे संक्रामक रोगों की पहचान और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र रेफर करने में मदद मिलेगी. संजय कुमार, अमित कुमार, गौतम पाण्डेय, नित्यानंद पांडे, मो. समसेर मंसूरी समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मी व बड़ी संख्या में ग्रामीण चिकित्सक मौजूद रहे.
