16 से 24 अप्रैल तक चलेगा प्रशिक्षण सत्र
बड़हिया. भारत की आगामी जनगणना 2027 को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से बड़हिया प्रखंड और नगर क्षेत्र में गुरुवार से प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हो गया. बीआरसी भवन एवं नगर परिषद सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. बीआरसी सभागार में जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बीईओ प्रतीक कुमार तथा नोडल जनगणना पदाधिकारी राधेश्याम ने प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की. वहीं नगर परिषद सभागार में नप सभापति डेजी कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी, वार्ड पार्षद प्रेमचंद्र सिंह एवं प्रतिनिधि राम कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 अप्रैल से शुरू होकर 24 अप्रैल 2026 तक चलेगा. प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक अलग-अलग सत्र आयोजित किये जा रहे हैं, जिसमें जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण, आवास गणना, डेटा संकलन की प्रक्रिया, जनगणना के चरणबद्ध संचालन तथा तकनीकी उपयोग से संबंधित बारीकियां समझायी जा रही हैं. प्रशिक्षण दे रहे डॉ. मनोज कुमार चौधरी, श्वेता कुमारी, आलोक कुमार और रामप्रवेश कुमार ने बताया कि फील्ड में कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जनगणना का प्रथम चरण एक मई से 31 मई 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य किया जायेगा. इसके लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को विधिक, तकनीकी और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके साथ ही स्व-गणना की व्यवस्था भी लागू की गयी है. इस प्रक्रिया के तहत 17 अप्रैल से एक मई तक लोग स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे. इसके उपरांत दो मई से 31 मई तक घर-घर जाकर आंकड़ा संग्रहण किया जायेगा. बीडीओ सह बीईओ प्रतीक कुमार एवं नप ईओ आशुतोष आनंद चौधरी ने संबंधित कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रशिक्षण में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि जनगणना कार्य को त्रुटिरहित एवं समय पर पूरा किया जा सके. प्रशिक्षण व्यवस्था के तहत बीआरसी भवन में 44 जबकि नगर परिषद सभागार में 40 पर्यवेक्षक एवं प्रगणकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है.————————————————————————————————————————-
