प्रसूता की मौत के बाद परिजनों का भारी हंगामा, तीन घंटे तक सड़क जाम

जब किसी लापरवाही के कारण गर्भवती का मौत हो जाता है तो परिजन का गुस्सा फूट जाता है. लखीसराय में प्रसूता के मौत के बाद परिजनों को जमकर हंगामा किया.

नया बाजार दालपट्टी स्थित गोपाल भंडार गली में संचालित शिल्पी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है. परिजनों ने तीन घंटे तक सड़क जाम किया.

लखीसराय के प्रतिनिधि के अनुसार

शहर के नया बाजार दालपट्टी स्थित गोपाल भंडार गली में संचालित शिल्पी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है. घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव के साथ नर्सिंग होम के बाहर जमकर हंगामा किया और मुख्य सड़क दालपट्टी मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया. सड़क जाम लगभग तीन घंटे से अधिक समय तक रहा, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

आशा कार्यकर्ता के कहने पर नर्सिंग होम में कराया था भर्ती

मृतक की पहचान पचना रोड किऊल बस्ती वार्ड नंबर 22 निवासी पारस ठठेरा की पुत्रवधू और पंकज ठठेरा की 26 वर्षीया पत्नी अंजली देवी के रूप में की गयी. परिजनों ने बताया कि अंजली देवी के पूर्व में दो बच्चे नॉर्मल डिलीवरी से हुए थे, तीसरे बच्चे की डिलीवरी के लिए घर के पास की ही एक आशा कार्यकर्ता के कहने पर उन्होंने अंजली को शिल्पी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था.

ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी हालत, रास्ते में तोड़ा दम

परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम में भर्ती करने के बाद चिकित्सकों ने नॉर्मल डिलीवरी से इनकार कर दिया और कहा कि ऑपरेशन के बिना प्रसव संभव नहीं है. परिजनों की सहमति के बाद प्रसूता को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, लेकिन ऑपरेशन के दौरान ही उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी. जब स्थिति चिकित्सकों के नियंत्रण से बाहर हो गयी, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए प्रसूता को आनन-फानन में किसी अन्य उच्च संस्थान के लिए रेफर कर दिया. परिजन उसे लेकर निकले, लेकिन प्रसूता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

तीन घंटे तक ठप रहा यातायात, मुआवजे की मांग

अंजली देवी की मौत की खबर मिलते ही किऊल बस्ती से बड़ी संख्या में लोग नर्सिंग होम के पास पहुंचे और हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी. करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस हंगामे और सड़क जाम के कारण पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था ठप हो गयी. परिजन दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे. वहीं घटना की सूचना मिलने पर कवैया थानाध्यक्ष रणधीर कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर जाम हटाने के प्रयास में जुट गयी. इस घटना के बाद से नर्सिंग होम के संचालक और कर्मी मौके से फरार बताये जा रहे हैं.

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