रेलकर्मी संतोष हत्याकांड के 19 दिन बाद भी पुलिस नाकाम

कानून के हाथ लंबे होते हैं ‘यह कहावत’ पीरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित चौरा राजपुर पंचायत के घोघी गांव के लिए महज एक जुमला साबित हो रही है

पीरीबाजार. कानून के हाथ लंबे होते हैं ‘यह कहावत’ पीरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित चौरा राजपुर पंचायत के घोघी गांव के लिए महज एक जुमला साबित हो रही है. बीते 18 फरवरी को रेलकर्मी संतोष उर्फ दिलीप की बेरहमी गोली मारकर हत्या किये जाने के लगभग 19 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. आलम यह है कि हत्यारे आज भी खुले आसमान के नीचे घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की आस के लगे हुए हैं.

अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी पुलिस के लिए चुनौती या ढाल

वारदात के बाद मृतक के परिजनों ने अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. परिजनों का किसी से सीधा विवाद न होना इस मामले को और भी पेचीदा बनाता है. लोगों में प्रेम प्रसंग एवं जमीन विवाद की चर्चा होती दिख रही है. हालांकि अभी तक स्पष्ट बात सामने नहीं आ रही है, लेकिन सवाल यह है कि डिजिटल सर्विलांस और आधुनिक तकनीक के इस दौर में भी ””””””””अज्ञात”””””””” का चेहरा बेनकाब क्यों नहीं हुआ.

संतोष उर्फ दिलीप रेलवे में अपनी सेवा दे रहे थे. उनकी हत्या ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे चौरा राजपुर पंचायत में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है. पुलिस केवल आश्वासन की घुट्टी पिला रही है, जबकि अपराधी पुलिस की पहुंच से कोसों दूर हैं.

वहीं मामले को लेकर थानाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह ने बताया कि अनुसंधान जारी है. पुलिस अपराधियों तक लगभग पहुंच चुकी है.

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Author: GUNJAN THAKUR

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