अभयपुर स्टेशन का नया भवन: तीन साल बाद भी अधूरा, यात्री सुविधाओं को तरस रहे
नये भवन में सुविधाएं तो दूर, पुरानी व्यवस्था भी बदहाल है. दैनिक यात्रियों का कहना है कि रेलवे की सुस्ती का खामियाजा उन्हें रोज भुगतना पड़ रहा है.
-जमालपुर-किऊल रेलखंड पर करोड़ों की लागत के बाद भी काम कछुआ चाल, रेलवे के दावे हवा-हवाई
पीरीबाजार. जमालपुर-किऊल रेलखंड के बीच स्थित अभयपुर रेलवे स्टेशन का नया भवन तीन साल बाद भी यात्रियों के लिए सपना ही बना हुआ है. मई 2023 में शुरू हुए इस भवन निर्माण का काम मई 2026 बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है. करोड़ों की लागत, बड़े-बड़े वादे और विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि यात्रियों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है.
वादे बड़े, काम अधूरा
रेलवे प्रशासन ने आधुनिक सुविधाओं से लैस नया टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और अन्य यात्री सुविधाओं का वादा किया था, लेकिन मौजूदा स्थिति में फिनिशिंग का काम महीनों से लटका पड़ा है. नये भवन में सुविधाएं तो दूर, पुरानी व्यवस्था भी बदहाल है. दैनिक यात्रियों का कहना है कि रेलवे की सुस्ती का खामियाजा उन्हें रोज भुगतना पड़ रहा है.
निरीक्षण के बाद भी नहीं बदले हालात
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ समय पहले मालदा रेल मंडल के आला अधिकारियों ने स्टेशन का दौरा कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिये थे, लेकिन धरातल पर उन निर्देशों का असर न के बराबर दिखा. करोड़ों की लागत से बन रहा भवन आज भी अधूरा खड़ा होकर रेलवे के दावों की पोल खोल रहा है.
रेलवे का पक्ष: 95 प्रतिशत काम पूरा, एक महीने का वादा
इस संबंध में मालदा मंडल के सहायक मंडल अभियंता (एईएन) राजीव कुमार ने बताया कि भवन का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. अब केवल बाहरी हिस्से का काम और सौंदर्यीकरण बाकी है. उन्होंने दावा किया, “अगर मौसम ने साथ दिया तो लगभग एक महीने के अंदर पूरा काम खत्म कर लिया जायेगा. “