Lakhisarai News : धान के बिचड़ा गिराने के लिए मौसम अनुकूल नही होने से किसान चिंतित

Lakhisarai News :लखीसराय के टाल क्षेत्र में बारिश नहीं होने से धान का बिचड़ा गिराने का कार्य प्रभावित हो रहा है. किसान मौसम की बेरुखी से चिंतित हैं और मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

मेदनीचौकी(लखीसराय) से रंजीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट

बारिश की आश लगाये हुए है किसान

Lakhisarai News : मेदनीचौकी-सूर्यगढ़ा प्रखंड के टाल क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न मौजे के सैकड़ों एकड़ जमीन में धान रोपाई के लिए बिचड़ा गिराने का समय आ चुका है. किसान बताते हैं कि 22 जून से 6 जुलाई तक आद्रा नक्षत्र है. इसी में यहां के ज्यादातर किसान बिचड़ा गिराते हैं. अब 27-28 जून बीतने को है. धान का बिचड़ा गिराने के लिए मौसम अभी अनुकूल नहीं दिख रही है. तेज धूप और तपती गर्मी से वातावरण गर्म है. बेहद गर्मी से लोग परेशान बने हुए हैं. खेती-किसानी का कार्य भी किसानों को करना है. मौसम की बेरुखी से किसानों की चिंता बढ़ रही है.

बिचड़ा गिराने वाले किसानों के सामनेखड़ी हो गई मुश्किलें

Lakhisarai News : बारिश होने का नाम नहीं ले रहा है. इस परिस्थिति में धान का बिचड़ा गिराने वाले किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई है. तपती धूप में बिना बारिश हुए बोरिंग से बिचड़ा गिराने की किसान हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. एक-दो बार मानसून की बारिश होने के बाद ही औसतन किसान बिचड़ा गिराने की प्रक्रिया में लगते हैं. सिर्फ बोरिंग से आश्रित होने पर इस तपिश भरी धूप के मौसम में बिचड़ा गिराने पर बिचड़े का जर्मिनेशन ठीक नहीं आ पाता है. जिससे 400-430 रुपये प्रति किलो मंहगे बीज का नुकसान किसानों को उठाना पड़ सकता है.

बिचड़ा गिराने के लिए खेतों को तैयार कर रहे किसान

मौसम के इसी उधेड़-बुन से धान रोपाई वाले किसान चिंतित देखे जा रहे हैं. वहीं बिचड़ा गिराने के लिए अपने-अपने खेतों को तैयार करते दिख रहे हैं. इधर, आसमान में बादलों के आकस्मिक बिचरन से किसानों में बारिश की आश बंधती है.

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Published by: AMIT KR SINHA

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