चंद रुपये के लालच में दांव पर जिंदगियां, नियमों की उड़ रही धज्जियां
कवैया थाना व परिवहन कार्यालय के सामने से गुजर रहा मौत का ”मैजिक”
लखीसराय. शहर की सड़कों पर इन दिनों नियमों की धज्जियां उड़ाते ओवरलोड वाहन मौत बनकर दौड़ रहे हैं. यह तस्वीर शहर के मुख्य मार्ग नया बाजार से आगे की है, जो कवैया थाना व जिला परिवहन कार्यालय होते हुए गुजर रही है. यह स्थिति साफ बयां कर रही है कि कैसे चंद पैसों की खातिर और प्रशासनिक अनदेखी के चलते आम लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है.
खतरनाक सफर : सामान के ऊपर सामान और लटकते लोग
इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि एक छोटा मैजिक वाहन न केवल सामान से, बल्कि इंसानों से भी बुरी तरह ठसाठस भरा हुआ है. वाहन के पिछले हिस्से पर पैर रखने की भी जगह नहीं है, फिर भी आधा दर्जन लोग खतरनाक तरीके से लटके हुए यात्रा कर रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि वाहन के ठीक ऊपर रस्सियों के सहारे भारी सामान, बोरियां और बड़े कार्टून लादे गये हैं. यह सामान किसी भी समय असंतुलित होकर नीचे लटके लोगों पर या पीछे चल रहे अन्य वाहन चालकों पर गिर सकता है.
हादसे का हर पल रहता डर
ऐसे ओवरलोड वाहनों के कारण हादसे का अंदेशा हर पल बना रहता है. क्षमता से अधिक भार और ऊपर तक लदे सामान के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है और मामूली मोड़ या अचानक ब्रेक लगाने पर वाहन के पलटने की पूरी आशंका रहती है. वहीं वाहन के बाहर लटके लोगों के पास सुरक्षा का कोई साधन नहीं है. जरा सा धक्का लगने पर वे सीधे सड़क पर गिर सकते हैं, जिससे गंभीर चोट या मौत भी हो सकती है.
प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
शहर के व्यस्त इलाकों में, दिन के उजाले में इस तरह खुलेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है, लेकिन यातायात पुलिस और परिवहन विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं. यह दृश्य बताता है कि चेकिंग अभियान केवल कागजों तक सीमित हैं. क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के साथ-साथ आम जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है. अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे वाहनों पर यात्रा करना जानलेवा साबित हो सकता है.
—“यह कोई नयी बात नहीं है. मुनाफे के लालच में वाहन मालिक और चालक क्षमता से तीन-चार गुना अधिक भार लादते हैं और सवारियों को भी भेड़-बकरियों की तरह भरते हैं. जब तक प्रशासन सख्त कार्रवाई नहीं करेगा और ऐसे वाहनों को जब्त कर भारी जुर्माना नहीं लगायेगा, तब तक यह खूनी खेल जारी रहेगा. “
—