पंचायत स्तर पर पोषण चौपाल, पोषण मेला एवं जागरूकता रैली का करें आयोजन: डीपीओ

प्रखंड समन्वयक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थित रहे.

पोषण पखवारा के सफल आयोजन को लेकर वीसी के माध्यम से की गयी समीक्षा

लखीसराय. विगत नौ से 23 अप्रैल 2026 तक संचालित होने वाले “पोषण पखवारा” के सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से आईसीडीएस के जिला प्रोग्राम पदाधिकारी वंदना पांडेय वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, प्रखंड समन्वयक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थित रहे. बैठक के दौरान मातृ एवं शिशु पोषण से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. विशेष रूप से 0 से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक उत्तेजना तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षण गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. साथ ही बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने एवं उन्हें बाह्य तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया. जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के समग्र शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को विशेष रणनीति अपनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्ति के साथ-साथ बच्चों के मस्तिष्कीय विकास के लिए संतुलित पोषण एवं प्रारंभिक देखभाल अत्यंत आवश्यक है. बैठक में पंचायत स्तर पर पोषण चौपाल, पोषण मेला एवं जागरूकता रैली के प्रभावी आयोजन पर विशेष बल दिया गया. इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए सामुदायिक सहभागिता को अनिवार्य बताया गया. सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय एवं विद्युत सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया. बैठक में विभिन्न गतिविधियों के नियमित संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये गये, जिनमें गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए जागरूकता सत्र, बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी, पोषण आधारित रेसिपी प्रदर्शन, सामुदायिक सहभागिता से प्रतियोगिताओं एवं रैलियों का आयोजन तथा खेल आधारित शिक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है. सभी गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग एवं समीक्षा प्रखंड एवं जिला स्तर पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही पोषण पोर्टल एवं जन आंदोलन डैशबोर्ड पर समयबद्ध एवं सटीक प्रतिवेदन अपलोड करने तथा प्रतिदिन कम-से-कम पांच गतिविधियों के फोटो अपलोड करने पर विशेष जोर दिया गया. जिला समन्वयक कन्हैया कुमार एवं जिला परियोजना सहायक सौरभ कुमार को पोषण पोर्टल पर जन आंदोलन से संबंधित प्रतिवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग एवं तकनीकी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गयी. बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए “पोषण पखवारा” को सफल बनायें तथा जिले में कुपोषण उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रयास सुनिश्चित करें.

——————————————————————————————————————-

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >